बंगाल सरकार का कर्मचारियों पर सख्त शिकंजा, मीडिया में जानकारी लीक करने और बहस में भाग लेने पर रोक

कोलकाता, 20 मई 2026। पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य कर्मचारियों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी करते हुए मीडिया में बयान देने, सरकारी सूचनाएं लीक करने और टीवी बहसों में भाग लेने पर प्रतिबंध लगा दिया है। राज्य सरकार की ओर से जारी नई अधिसूचना के अनुसार बिना पूर्व अनुमति कोई भी सरकारी कर्मचारी मीडिया से जुड़ी गतिविधियों में हिस्सा नहीं ले सकेगा।

राज्य के कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग द्वारा बुधवार रात जारी आदेश में कहा गया है कि यह प्रतिबंध अखिल भारतीय सेवा (एआईएस) आचरण नियम 1968, पश्चिम बंगाल सेवा (सरकारी कर्मचारियों के कर्तव्य, अधिकार और दायित्व) नियम 1980 तथा पश्चिम बंगाल सरकारी सेवक आचरण नियम 1959 के तहत लागू किए गए हैं।

सरकार के इस आदेश का दायरा काफी व्यापक रखा गया है। यह नियम भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), पश्चिम बंगाल सिविल सेवा (डब्ल्यूबीसीएस), पश्चिम बंगाल पुलिस सेवा (डब्ल्यूबीपीएस) के अधिकारियों के अलावा अन्य राज्य सरकारी कर्मचारियों, सुधार सेवा कर्मियों, राज्य सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों, सरकारी बोर्डों, नगरपालिकाओं, नगर निगमों तथा राज्य सरकार के अधीन स्वायत्त निकायों के कर्मचारियों पर भी लागू होंगे।

अधिसूचना में स्पष्ट कहा गया है कि बिना पूर्व सरकारी अनुमति कोई भी कर्मचारी निजी मीडिया संस्थानों द्वारा आयोजित कार्यक्रमों या भारत सरकार अथवा किसी बाहरी एजेंसी द्वारा प्रायोजित मीडिया कार्यक्रमों में भाग नहीं ले सकेगा। इसके साथ ही सरकारी दस्तावेजों या सूचनाओं को प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से मीडिया के साथ साझा करने पर भी पूरी तरह रोक लगा दी गई है।

सरकार ने कर्मचारियों को किसी भी प्रकार के लेख, बयान, प्रसारण, संवाद या मीडिया योगदान के जरिए केंद्र या राज्य सरकार की नीतियों और फैसलों की आलोचना करने से भी प्रतिबंधित किया है। आदेश में यह भी कहा गया है कि कोई भी ऐसा बयान या प्रकाशन नहीं किया जा सकेगा जिससे राज्य सरकार और केंद्र सरकार, किसी अन्य राज्य सरकार या किसी विदेशी सरकार के साथ संबंधों में तनाव उत्पन्न होने की संभावना हो।

राज्य सरकार के इस फैसले को प्रशासनिक अनुशासन और गोपनीयता बनाए रखने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है, हालांकि विपक्षी दल इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने वाला निर्णय बता रहे हैं।

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