रोम, 20 मई (UNS)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के बीच बुधवार को हुई द्विपक्षीय वार्ता में भारत और इटली ने अपने संबंधों को “विशेष रणनीतिक साझेदारी” के स्तर तक ले जाने का ऐतिहासिक फैसला किया। दोनों नेताओं ने व्यापार, रक्षा, प्रौद्योगिकी, समुद्री अर्थव्यवस्था और आतंकवाद विरोधी सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई।
संयुक्त वक्तव्य जारी करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के नेतृत्व में भारत-इटली संबंधों को नई गति, नई दिशा और नया आत्मविश्वास मिला है। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में दोनों नेताओं के बीच कई मुलाकातें हुई हैं, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते विश्वास और सहयोग का प्रतीक हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “हमें खुशी है कि भारत और इटली ने अपने संबंधों को आगे बढ़ाते हुए विशेष रणनीतिक साझेदारी तक ले जाने का निर्णय लिया है।” उन्होंने कहा कि दोनों देश अब “भारत और इटली में डिजाइन और विकास, दुनिया के लिए वितरण” के सिद्धांत पर मिलकर काम करेंगे।
उन्होंने कहा कि इटली विश्वभर में डिजाइन और सटीक तकनीक के लिए जाना जाता है, जबकि भारत प्रतिभा, बड़े पैमाने और किफायती नवाचार की शक्ति के रूप में उभर रहा है। दोनों देश मिलकर ऐसे उत्पाद विकसित करेंगे जिन्हें वैश्विक बाजार तक पहुंचाया जाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने रक्षा क्षेत्र में सहयोग को भी अहम बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच रक्षा औद्योगिक रोडमैप तैयार किया गया है, जो सह-विकास और सह-उत्पादन का मार्ग प्रशस्त करेगा। इसके साथ ही समुद्री सहयोग, शिपिंग, बंदरगाहों के आधुनिकीकरण, लॉजिस्टिक्स और समुद्री अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में भी साझेदारी बढ़ाई जाएगी।
आतंकवाद के मुद्दे पर दोनों देशों ने एक समान रुख अपनाया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और इटली आतंकवाद को मानवता के लिए गंभीर खतरा मानते हैं। उन्होंने कहा कि आतंक वित्तपोषण के खिलाफ दोनों देशों की साझा पहल दुनिया के सामने एक महत्वपूर्ण उदाहरण है और जिम्मेदार लोकतंत्र केवल आतंकवाद की निंदा ही नहीं करते, बल्कि उसके आर्थिक नेटवर्क को तोड़ने के लिए ठोस कदम भी उठाते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने यूक्रेन और पश्चिम एशिया की स्थिति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत और इटली इन वैश्विक मुद्दों पर लगातार संपर्क में हैं और भारत का स्पष्ट मत है कि सभी विवादों का समाधान बातचीत और कूटनीति के माध्यम से ही होना चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी इस समय पांच देशों की विदेश यात्रा पर हैं और इटली उनका अंतिम पड़ाव है। इस दौरान दोनों देशों के बीच आर्थिक, तकनीकी और सामरिक सहयोग को नई दिशा देने पर व्यापक चर्चा हुई।
