जम्मू, 02 जुलाई। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने गुरुवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच भगवती नगर आधार शिविर से अमरनाथ यात्रा के पहले जत्थे को कश्मीर स्थित पहलगाम और बालटाल आधार शिविरों के लिए रवाना किया। ‘बम-बम भोले’, ‘हर-हर महादेव’ और ‘जय बाबा बर्फानी’ के जयघोष के बीच हजारों श्रद्धालु सुरक्षित वाहनों के काफिले में अपनी आध्यात्मिक यात्रा पर निकले।
करीब 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा मंदिर के लिए 57 दिनों की वार्षिक यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगी। श्रद्धालु पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे नुनवान-पहलगाम मार्ग और 14 किलोमीटर लंबे, अपेक्षाकृत कठिन बालटाल मार्ग से बाबा बर्फानी के दर्शन करेंगे।
पहले जत्थे को रवाना करने से पूर्व उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भगवती नगर आधार शिविर में विशेष पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात, विधानसभा में विपक्ष के नेता सुनील शर्मा, सांसद जुगल किशोर शर्मा, भाजपा विधायक, वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी तथा विभिन्न धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
यात्रा के शुभारंभ के बाद उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि अमरनाथ यात्रा आध्यात्मिक जागृति और भगवान शिव के प्रति अटूट श्रद्धा का प्रतीक है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षित, शांतिपूर्ण और मंगलमय यात्रा की कामना की।
प्रशासन के अनुसार, तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर विशेष सुरक्षा प्रबंध, यातायात नियंत्रण और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं, ताकि यात्रा निर्बाध और सुरक्षित ढंग से संपन्न हो सके।
यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं ने प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा किए गए इंतजामों पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित हैं और उन्हें सुरक्षित वातावरण में बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए रवाना किया गया है।
