लखनऊ, 30 जुलाई 2026। उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने गुरुवार को अपने सरकारी आवास पर आयोजित जनसुनवाई में विभिन्न जनपदों से आए फरियादियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रदेश सरकार आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जनसुनवाई के दौरान नगर विकास एवं ऊर्जा विभाग से जुड़े कई मामले सामने आए। इनमें नालों की सफाई, पेयजल आपूर्ति, अतिक्रमण, आवास, नए विद्युत कनेक्शन, बिजली बिल संशोधन तथा ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि जैसी शिकायतें प्रमुख रहीं। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी मामलों का नियमानुसार प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समयसीमा में समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
बैठक के दौरान उन्नाव से आए शिकायतकर्ता सुधीर कुमार द्विवेदी ने आरोप लगाया कि उरुवा क्षेत्र के एक अधिशासी अधिकारी द्वारा बिजली बिल संशोधन के बदले अवैध रूप से धन की मांग की गई। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मंत्री ए.के. शर्मा ने तत्काल डायरेक्टर जीडी श्री द्विवेदी को पूरे मामले की जांच कर दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
मंत्री ने स्पष्ट कहा कि भ्रष्टाचार और उपभोक्ताओं के उत्पीड़न के मामलों में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितकारी व्यवस्था स्थापित करना है।
ए.के. शर्मा ने कहा कि जनसुनवाई केवल शिकायतें सुनने की औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि सरकार और जनता के बीच विश्वास का मजबूत माध्यम है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक शिकायत का संवेदनशीलता के साथ निस्तारण किया जाए और जनहित के मामलों में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए।
जनसुनवाई के दौरान डायरेक्टर ट्रांसमिशन हरजीत सिंह, रजनीश रस्तोगी, जान मथाई सहित ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।