लखनऊ, 17 अप्रैल 2026 (यूएनएस)। बैटरी चालित वाहनों के बढ़ते उपयोग से पारंपरिक कुलियों की रोज़ी-रोटी पर खतरा मंडराने लगा है। इसी मुद्दे को लेकर राष्ट्रीय कुली मोर्चा ने शुक्रवार को चारबाग रेलवे स्टेशन पर जोरदार प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।
मांग पखवाड़े के तहत शुरू हुए इस आंदोलन में बड़ी संख्या में कुली शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि रेलवे द्वारा बैटरी चालित वाहनों को केवल बीमार और असहाय यात्रियों की सहायता के लिए चलाने का निर्देश था, लेकिन अब इन वाहनों का उपयोग यात्रियों के सामान ढोने के लिए भी किया जा रहा है, जिससे कुलियों की आजीविका पर गंभीर असर पड़ा है।
राष्ट्रीय कुली मोर्चा के राष्ट्रीय समन्वयक राम सुरेश यादव ने कहा कि रेलवे ने अपने ही आदेश को बदलते हुए ठेकेदारों को लगेज ढोने की अनुमति दे दी है और इसके लिए बाकायदा शुल्क भी निर्धारित कर दिया गया है। इससे पारंपरिक कुलियों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है।
प्रदर्शन के दौरान कुलियों ने कई मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि बैटरी वाहनों का उपयोग केवल जरूरतमंद यात्रियों की सहायता तक सीमित किया जाए, सामान ढोने की अनुमति समाप्त की जाए और लगेज से जुड़ी रेट लिस्ट हटाई जाए। साथ ही, कुलियों को 2008 की तरह रेलवे की सरकारी नौकरियों में समायोजित करने और उनकी सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की गई।
मोर्चा ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस संबंध में 24 अप्रैल को नई दिल्ली में एक बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें देशभर से प्रतिनिधि शामिल होंगे और प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
