तकनीक से सशक्त होंगे शिक्षक, यूपी के 5 जिलों में ‘निपुण शिक्षक सारथी’ पायलट मॉडल शुरू

लखनऊ, 17 अप्रैल 2026 (यूएनएस)। निपुण भारत मिशन को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने ‘निपुण शिक्षक सारथी’ कार्यक्रम के तहत तकनीक आधारित नई पहल शुरू की है। इस योजना के माध्यम से अब शिक्षकों को बदलाव का प्रमुख वाहक बनाया जा रहा है, जिससे कक्षा स्तर पर सीधे सुधार देखने को मिलेगा।

यह पायलट प्रोजेक्ट प्रदेश के पांच जनपदों—चित्रकूट, सोनभद्र, बलरामपुर, गोरखपुर और सीतापुर—में लागू किया गया है। इनमें चित्रकूट, सोनभद्र और बलरामपुर आकांक्षी जनपद हैं, जबकि गोरखपुर और सीतापुर में आकांक्षी विकासखंड शामिल किए गए हैं।

बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षकों को ‘बदलाव के असली सारथी’ के रूप में तैयार करने की दिशा में काम शुरू कर दिया गया है। इसके तहत चयनित 15 राज्य स्तरीय संदर्भ समूह (एसआरजी) का दो दिवसीय प्रशिक्षण 15 और 16 अप्रैल को पूरा कराया गया।

इस कार्यक्रम के लागू होने से परिषदीय शिक्षक अब पारंपरिक भूमिका से आगे बढ़कर तकनीक-सक्षम बनेंगे और सीखने की प्रक्रिया में मार्गदर्शक की भूमिका निभाएंगे। उन्हें आधुनिक प्रशिक्षण, स्पष्ट दिशा और निरंतर शैक्षणिक सहयोग मिलेगा।

नई व्यवस्था के तहत शिक्षकों और तकनीकी टीम के बीच संवाद की आवृत्ति भी बढ़ाई गई है। जहां पहले प्रतिदिन औसतन 1-2 बार संपर्क होता था, वहीं अब 18-20 बार नियमित और योजनाबद्ध संवाद सुनिश्चित किया जाएगा। इससे शिक्षकों को अधिक लक्षित और आवश्यकता आधारित मार्गदर्शन मिल सकेगा।

इस पहल के जरिए गतिविधि आधारित और स्तरानुसार पढ़ाई को बढ़ावा मिलेगा, जिससे विद्यार्थी बिना दबाव के सहज रूप से सीख सकेंगे। इससे उनकी बुनियादी साक्षरता मजबूत होगी और समग्र विकास को गति मिलेगी।

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