लखनऊ, 17 अप्रैल 2026 (यूएनएस)। राजधानी लखनऊ के इंदिरानगर स्थित सहारा ट्रेड सेंटर में शुक्रवार को बिजली विभाग के खिलाफ व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा। करीब 150 से अधिक दुकानदारों ने इंदिरानगर मेट्रो स्टेशन के पास एकत्र होकर विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने बाजार में घूम-घूमकर “बिजली विभाग मुर्दाबाद” और “बिजली विभाग होश में आओ” जैसे नारे लगाए। उनका आरोप है कि विभाग लंबे समय से उनकी समस्याओं की अनदेखी कर रहा है।
व्यापारियों के अनुसार, कुछ समय पहले क्षेत्र का ट्रांसफॉर्मर खराब हो गया था, जिससे करीब 48 घंटे तक बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित रही। शिकायत के बाद विद्युत उपकेंद्र एचएएल, इंदिरानगर की ओर से अस्थायी तौर पर ट्रॉली ट्रांसफॉर्मर लगाकर आपूर्ति बहाल तो कर दी गई, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं किया गया है।
इस मामले में एक्सईएन टेढ़ी पुलिया की ओर से कहा गया है कि कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स में ट्रांसफॉर्मर लगाने और उसके रखरखाव की जिम्मेदारी व्यापारियों को ही उठानी होगी। इस संबंध में विभाग की ओर से नोटिस भी जारी किया गया है, जिससे व्यापारियों में नाराजगी और बढ़ गई है।
व्यापारी अनूप कुमार सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे और जरूरत पड़ने पर कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएंगे। उन्होंने बताया कि पिछले 25 वर्षों से सभी व्यापारी नियमित रूप से बिजली बिल का भुगतान कर रहे हैं, इसके बावजूद विभाग अपनी जिम्मेदारी से पीछे हट रहा है।
व्यापारियों ने इस मुद्दे पर सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत आरटीआई भी दायर की है, जो फिलहाल विचाराधीन है। उनका कहना है कि यदि कोई ऐसा नियम है जिसके तहत उपभोक्ताओं को खुद ट्रांसफॉर्मर लगवाना पड़ता है, तो उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
प्रदर्शन कर रहे व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि खराब ट्रांसफॉर्मर को तत्काल विभागीय स्तर पर ठीक या बदला जाए और जब तक स्वामित्व को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
व्यापारी राज कुमार मौर्य और राजू श्रीवास्तव ने कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो आंदोलन को व्यापक स्तर पर ले जाया जाएगा।
