लखनऊ, 17 अप्रैल 2026 (यूएनएस)। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि ये दल अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के संवैधानिक अधिकारों के मुद्दे पर लगातार अपना रुख बदलते रहे हैं और अब महिला आरक्षण के नाम पर भी राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं।
मायावती ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में इन वर्गों के आरक्षण को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए कोई ठोस पहल नहीं की। उन्होंने अन्य पिछड़ा वर्ग आरक्षण के संदर्भ में मंडल आयोग की सिफारिशों का उल्लेख करते हुए कहा कि इसे लागू कराने का श्रेय बसपा के प्रयासों और पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह की सरकार को जाता है।
समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछड़े मुस्लिमों को अन्य पिछड़ा वर्ग का लाभ देने संबंधी आयोग की रिपोर्ट को सपा सरकार ने लंबे समय तक लागू नहीं किया, जबकि बसपा सरकार ने वर्ष 1995 में इसे लागू किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि अब वही सपा राजनीतिक स्वार्थ के तहत महिलाओं के लिए अलग आरक्षण की बात कर रही है।
महिला आरक्षण के मुद्दे पर मायावती ने कहा कि परिसीमन वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कांग्रेस सत्ता में होती, तो वह भी भारतीय जनता पार्टी की तरह ही कदम उठाती।
अपने बयान के अंत में मायावती ने कहा कि देश में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और मुस्लिम समाज के वास्तविक हितों को लेकर कोई भी पार्टी पूरी तरह गंभीर नहीं रही है। उन्होंने इन वर्गों से अपील की कि वे किसी के बहकावे में न आएं और अपने अधिकारों को ध्यान में रखते हुए आत्मनिर्भर बनें।
