नयी दिल्ली। आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद राघव चड्ढा और उनकी पार्टी के बीच जारी विवाद अब सार्वजनिक रूप से सामने आ गया है। शुक्रवार को राज्यसभा में बोलते हुए चड्ढा ने अपनी ही पार्टी के नेतृत्व पर तंज कसते हुए कहा, “मैं हटाया गया उपनेता हूं और फिर भी सदन में मौजूद हूं।”
दरअसल, 17 अप्रैल को हरिवंश नारायण सिंह के लगातार तीसरी बार निर्विरोध उपसभापति चुने जाने पर बधाई देने के दौरान चड्ढा ने यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के नेता संजय सिंह और नवनियुक्त उपनेता अशोक कुमार मित्तल सदन में मौजूद नहीं थे, जबकि वह स्वयं उपस्थित हैं।
चड्ढा ने अपने संबोधन में उपसभापति हरिवंश के साथ अपने “खट्टे-मीठे” रिश्तों का जिक्र करते हुए उम्मीद जताई कि इस कार्यकाल में यह रिश्ता और बेहतर होगा। उन्होंने सभापति एवं उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन की भी सराहना की और कहा कि उनके कार्यकाल में अधिक सदस्यों को बोलने का अवसर मिल रहा है।
गौरतलब है कि 2 अप्रैल को आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर राघव चड्ढा को उपनेता पद से हटा दिया था और उनकी जगह अशोक मित्तल को नियुक्त किया था। इसके बाद से चड्ढा और पार्टी नेतृत्व के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं।
पार्टी के इस फैसले के बाद चड्ढा ने सोशल मीडिया पर भी अप्रत्यक्ष रूप से अपनी नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने एक वीडियो पोस्ट करते हुए कहा था, “मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझना।” वहीं, एक अन्य पोस्ट में उन्होंने अमेरिकी लेखक रॉबर्ट ग्रीन की किताब का जिक्र करते हुए ‘नेवर आउटशाइन द मास्टर’ का उल्लेख किया, जिसे राजनीतिक गलियारों में पार्टी नेतृत्व पर तंज के रूप में देखा गया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस घटनाक्रम के बाद आम आदमी पार्टी के भीतर आंतरिक खींचतान और तेज हो सकती है।
