ओमैक्स रेजिडेंसी पर सार्वजनिक सड़क और नाले पर कब्जे का आरोप, आंदोलन की चेतावनी

लखनऊ, 14 जून (यूएनएस)। सुल्तानपुर रोड स्थित ओमैक्स रेजिडेंसी आर-1 पर सार्वजनिक सड़क और नाले पर कथित अतिक्रमण के आरोप को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी नाराजगी व्याप्त है। क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की तो वे धरना-प्रदर्शन और जनआंदोलन शुरू करने को मजबूर होंगे।

सरस्वतीपुरम, लल्लन सिंह नगर, आदर्श नगर, सरसवां और अर्जुनगंज के निवासियों का आरोप है कि ओमैक्स रेजिडेंसी आर-1 ने तथ्यों को छिपाकर लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) से मानचित्र स्वीकृत कराया और इसके आधार पर सार्वजनिक उपयोग की 60 फीट चौड़ी सड़क तथा नाले पर कब्जे का प्रयास किया गया।

स्थानीय लोगों के अनुसार सुल्तानपुर रोड से ओमैक्स रेजिडेंसी आर-1 होते हुए ईमार क्षेत्र तक जाने वाली सड़क और नाले का निर्माण एलडीए ने कराया था। सूचना के अधिकार के तहत वर्ष 2017 में प्राप्त अभिलेखों के अनुसार इस सड़क का निर्माण लगभग 1.43 करोड़ रुपये की लागत से किया गया था।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि संबंधित भूमि खसरा संख्या 497 (प) में दर्ज है, जबकि ओमैक्स रेजिडेंसी के बैनामे में खसरा संख्या 497 (स) अंकित है। आरोप है कि स्वीकृत मानचित्र में केवल खसरा संख्या 497 दर्शाकर वास्तविक स्थिति छिपाई गई और अधिकारियों को गुमराह किया गया।

स्थानीय नागरिकों का दावा है कि इस मामले को लेकर कई जनप्रतिनिधियों ने शासन और प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। सरोजनी नगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने वर्ष 2023 में प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन को पत्र भेजकर जांच की मांग की थी। निरीक्षण के दौरान सड़क और नाले को क्षतिग्रस्त पाए जाने तथा अतिक्रमण की आशंका भी व्यक्त की गई थी।

इसके अतिरिक्त विधायक पंकज मलिक, मंत्री धर्मपाल सिंह, विधान परिषद सदस्य सुरेंद्र चौधरी, विधायक जय देवी तथा मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा भी इस संबंध में पत्राचार और शिकायतें की गई हैं। इसके बावजूद स्थानीय लोगों का आरोप है कि एलडीए स्तर पर अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि सड़क और नाले के पुनर्निर्माण तथा अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर उनका संघर्ष वर्ष 2014 से जारी है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि स्वीकृत मानचित्र की निष्पक्ष जांच कराई जाए, सार्वजनिक सड़क और नाले को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए तथा पुलिस बल की मौजूदगी में निर्माण कार्य शुरू कराया जाए।

निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो क्षेत्र में व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने जनहित में तत्काल हस्तक्षेप कर सार्वजनिक मार्ग और नाले को बहाल करने की मांग की है।

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