नौ वर्षों में 289 दुर्दांत अपराधी ढेर, 34 हजार से अधिक गिरफ्तार

लखनऊ, 18 मई 2026 (यूएनएस)। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत पिछले नौ वर्षों में अपराध और अपराधियों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया गया। इस दौरान पुलिस ने 17,043 मुठभेड़ों में 289 दुर्दांत अपराधियों को मार गिराया, जबकि 34,253 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया।

आंकड़ों के अनुसार, इन मुठभेड़ों में 11,834 अपराधी घायल हुए। अपराधियों से मुकाबले के दौरान 18 पुलिसकर्मी शहीद हुए, जबकि 1,852 पुलिसकर्मी घायल भी हुए।

प्रदेश में सबसे अधिक एनकाउंटर मेरठ जोन में दर्ज किए गए। यहां पुलिस ने 4,813 मुठभेड़ कार्रवाइयों में 8,921 अपराधियों को गिरफ्तार किया और 97 कुख्यात अपराधियों को मार गिराया। इस दौरान 3,513 अपराधी घायल हुए, जबकि 477 पुलिसकर्मी घायल और दो पुलिसकर्मी शहीद हुए। एनकाउंटर कार्रवाई में मेरठ जोन पूरे प्रदेश में पहले स्थान पर रहा।

योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अपराधियों पर लगातार कार्रवाई

वाराणसी जोन दूसरे स्थान पर रहा, जहां 1,292 मुठभेड़ों में 2,426 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया और 29 अपराधियों को मार गिराया गया। यहां 907 अपराधी और 104 पुलिसकर्मी घायल हुए।

आगरा जोन तीसरे स्थान पर रहा। यहां 2,494 मुठभेड़ों में 5,845 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान 24 अपराधी मारे गए और 968 अपराधी घायल हुए, जबकि 62 पुलिसकर्मी घायल हुए।

इसके अलावा बरेली जोन में 2,222 मुठभेड़ों में 21 अपराधी, लखनऊ जोन में 971 मुठभेड़ों में 20 अपराधी और गाजियाबाद कमिश्नरेट में 789 मुठभेड़ों में 18 अपराधी मारे गए। गाजियाबाद कमिश्नरेट सभी कमिश्नरेट में पहले स्थान पर रहा।

कानपुर जोन में 791 मुठभेड़ों में 12 अपराधी, लखनऊ कमिश्नरेट में 147 मुठभेड़ों में 12 अपराधी तथा प्रयागराज जोन में 643 मुठभेड़ों में 11 अपराधी मारे गए।

इसी प्रकार आगरा कमिश्नरेट में 489 मुठभेड़ों में 10, गौतमबुद्ध नगर में 1,144 मुठभेड़ों में 9, गोरखपुर जोन में 699 मुठभेड़ों में 8, वाराणसी कमिश्नरेट में 146 मुठभेड़ों में 8, प्रयागराज कमिश्नरेट में 150 मुठभेड़ों में 6 तथा कानपुर कमिश्नरेट में 253 मुठभेड़ों में 4 अपराधियों को ढेर किया गया।

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