समाधान दिवस में फूटा महिलाओं का गुस्सा, डीएम के सामने लगे ‘जिला प्रशासन मुर्दाबाद’ के नारे

सरोजनीनगर तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने शौचालय निर्माण की अनुदान राशि न मिलने पर प्रदर्शन किया। जिलाधिकारी विशाख जी. अय्यर के सामने नारेबाजी करते हुए महिलाओं ने कार्रवाई की मांग की। डीएम ने एक सप्ताह के भीतर जांच पूरी कर पात्र लाभार्थियों के खातों में राशि भेजने का आश्वासन दिया।

लखनऊ, 18 जुलाई। राजधानी लखनऊ की सरोजनीनगर तहसील में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस उस समय हंगामेदार हो गया, जब स्वयं सहायता समूह की 20 से अधिक महिलाओं ने शौचालय निर्माण की अनुदान राशि न मिलने के विरोध में जिलाधिकारी विशाख जी. अय्यर के सामने प्रदर्शन करते हुए “जिला प्रशासन मुर्दाबाद” के नारे लगाए।

स्वयं सहायता समूह सीएलएफ सरोजनीनगर की महिलाएं भाजपा जिला मंत्री संजीव कुमार मिश्रा के नेतृत्व में समाधान दिवस में पहुंचीं। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत पात्र होने के बावजूद उन्हें अब तक शौचालय निर्माण के लिए मिलने वाली आर्थिक सहायता नहीं मिली है।

महिला शक्ति समाधान समिति सीएलएफ की उपाध्यक्ष अंजनी गौतम ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि पिछले दस वर्षों से वह विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाने का कार्य कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरोजनीनगर के उपजिलाधिकारी और विकास खंड कार्यालय की उदासीनता के कारण गरीब परिवार सरकारी योजनाओं से वंचित हैं।

शिकायत के अनुसार करीब दस महीने पहले विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह के कार्यालय के माध्यम से नीवां, कुरौनी, माती, खटोला, परवर पश्चिम, मेड़ई खेड़ा, गढ़ी मवैया, सोहावा और परवर पूरब सहित विभिन्न ग्राम सभाओं की 179 शौचालय विहीन गरीब महिलाओं के आवेदन संबंधित विभाग को भेजे गए थे, लेकिन अब तक किसी भी लाभार्थी के खाते में अनुदान की राशि नहीं पहुंची।

भाजपा जिला मंत्री संजीव कुमार मिश्रा ने कहा कि ब्लॉक कार्यालय में पूछताछ करने पर अधिकारी धनराशि जारी होने की बात कहते हैं, जबकि लाभार्थियों के खातों में कोई भुगतान नहीं हुआ है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और सभी पात्र महिलाओं को जल्द से जल्द योजना का लाभ दिलाने की मांग की।

प्रदर्शन और नारेबाजी के बाद जिलाधिकारी विशाख जी. अय्यर ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल जांच के निर्देश दिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि
एक सप्ताह के भीतर मामले की जांच पूरी कर पात्र लाभार्थियों के खातों में शौचालय निर्माण की धनराशि भेज दी जाएगी।

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