नई दिल्ली, 18 जुलाई। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाए जाने पर केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए इसे गलत कदम बताया है। उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं से जुड़े गंभीर मुद्दों पर आवाज उठाने वालों को बलपूर्वक नहीं रोका जा सकता।
राहुल गांधी ने शनिवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी अपने संदेश में कहा कि सरकार के मूल सिद्धांत “असत्य और हिंसा” पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर अहिंसक अनशन कर रहे सोनम वांगचुक को वहां से हटाया जाना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
उन्होंने कहा कि देश में प्रश्नपत्र लीक की घटनाएं, शिक्षा की लगातार बढ़ती लागत और छात्रों की आत्महत्या जैसे मुद्दे भारत के भविष्य से जुड़े अत्यंत गंभीर विषय हैं। इन समस्याओं को उठाने वाले छात्रों और उनके समर्थकों की आवाज किसी भी प्रकार के बल प्रयोग से दबाई नहीं जा सकती।
राहुल गांधी ने कहा कि लोकतंत्र में युवाओं की चिंताओं को सुनना और उनका समाधान करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने छात्रों के मुद्दों पर संवाद और संवेदनशीलता की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि देश के भविष्य से जुड़े सवालों को अनदेखा नहीं किया जा सकता।