युद्ध के बीच विदेशी मुद्रा बचाने की जरूरत, वैष्णव ने बताया पीएम ने क्यों की ईधन बचाने की अपील?

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने देशवासियों से पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने की अपील करते हुए कहा है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में विदेशी मुद्रा बचाना बेहद जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध और तनाव अभी भी जारी है और हाल के घटनाक्रमों को देखते हुए निकट भविष्य में हालात सामान्य होते नहीं दिख रहे हैं।

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से उन वस्तुओं पर खर्च कम करने का आग्रह किया है, जिनकी खरीद के लिए भारत को विदेशी मुद्रा खर्च करनी पड़ती है। उन्होंने विशेष रूप से पेट्रोल और डीजल का उदाहरण देते हुए कहा कि इनका सीमित उपयोग देश की अर्थव्यवस्था के लिए लाभदायक होगा।

उन्होंने कहा कि नागरिक अपनी जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव कर विदेशी मुद्रा बचाने में योगदान दे सकते हैं। साथ ही व्यापारियों और उद्योगपतियों से भी अपील की कि वे ऐसे उपाय अपनाएं, जिनसे आयात पर निर्भरता कम हो और देश ज्यादा विदेशी मुद्रा अर्जित कर सके। मंत्री ने कहा कि बचत और कमाई दोनों पर एक साथ ध्यान देना जरूरी है।

सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत की बड़ी प्रगति

केंद्रीय मंत्री ने सेमीकंडक्टर निर्माण को लेकर भी बड़ा अपडेट दिया। उन्होंने कहा कि भारत ने इस क्षेत्र में अपनी यात्रा वर्ष 1962 में शुरू की थी और कई पूर्व प्रधानमंत्रियों ने समय-समय पर इसे आगे बढ़ाने का प्रयास किया। उन्होंने जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और मनमोहन सिंह के प्रयासों का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अब सेमीकंडक्टर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। वर्तमान में देश की दो फैक्ट्रियां व्यावसायिक उत्पादन शुरू कर चुकी हैं। तीसरी फैक्ट्री जुलाई में और चौथी इसी वर्ष नवंबर या दिसंबर तक उत्पादन शुरू कर देगी।

रेलवे परियोजनाओं की तेज रफ्तार

रेलवे परियोजनाओं को लेकर अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारतीय रेलवे तेजी से विस्तार कर रहा है। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष का 98 प्रतिशत बजट फरवरी के अंत तक ही खर्च कर लिया गया, जो परियोजनाओं की गति को दर्शाता है।

मंत्री ने कहा कि देश में अब तक 49 हजार किलोमीटर रेलवे ट्रैक का विद्युतीकरण किया जा चुका है, जो जर्मनी के पूरे रेल नेटवर्क से भी बड़ा है। इसके अलावा 36 हजार किलोमीटर नई रेलवे लाइनें बिछाई गई हैं।

उन्होंने दावा किया कि आने वाले वर्षों में कई रेल मार्गों पर ट्रेनें हवाई यात्रा को कड़ी चुनौती देंगी। नए हाई-स्पीड कॉरिडोर बनने के बाद मुंबई से पुणे की दूरी केवल 28 मिनट में तय की जा सकेगी। वहीं पुणे से हैदराबाद का सफर 1 घंटा 55 मिनट, हैदराबाद से बेंगलुरु करीब 2 घंटे और बेंगलुरु से चेन्नई का सफर सिर्फ 78 मिनट में पूरा होगा।

इसके अलावा दिल्ली से वाराणसी का सफर 3 घंटे 50 मिनट और दिल्ली से लखनऊ का सफर लगभग 2 घंटे में पूरा होने का दावा भी मंत्री ने किया। उन्होंने कहा कि रेलवे के आधुनिकीकरण से देश में तेज, सुरक्षित और किफायती परिवहन व्यवस्था विकसित होगी।

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