‘सोना मत खरीदो, पेट्रोल कम जलाओ…’ राहुल गांधी का पीएम मोदी पर हमला, बोले- देश चलाना Compromised PM के बस की बात नहीं

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत और विदेशी मुद्रा संरक्षण से जुड़ी अपील पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री की सलाह को सरकार की “नाकामी का सबूत” बताते हुए कहा कि 12 वर्षों के शासन के बाद अब जनता को यह बताया जा रहा है कि क्या खरीदना है और क्या नहीं।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि प्रधानमंत्री लोगों से सोना न खरीदने, विदेश यात्रा कम करने, पेट्रोल कम इस्तेमाल करने, खाद और खाने के तेल की खपत घटाने, मेट्रो से सफर करने और घर से काम करने जैसी सलाह दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह कोई उपदेश नहीं, बल्कि सरकार की विफलता का प्रमाण है।

कांग्रेस सांसद ने लिखा, “12 साल में देश को इस मुकाम पर ला दिया है कि जनता को बताना पड़ रहा है – क्या खरीदे, क्या न खरीदे, कहां जाए, कहां न जाए। हर बार जिम्मेदारी जनता पर डाल दी जाती है ताकि खुद जवाबदेही से बचा जा सके।”

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा, “देश चलाना अब Compromised PM के बस की बात नहीं।” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आर्थिक चुनौतियों और वैश्विक संकट से निपटने में असफल रही है और उसका बोझ आम जनता पर डाला जा रहा है।

वेणुगोपाल ने भी उठाए सवाल

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी प्रधानमंत्री की अपील पर सवाल उठाए। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरान-अमेरिका तनाव और वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच सरकार को देश की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए थे।

वेणुगोपाल ने कहा कि संकट से निपटने के लिए स्पष्ट रणनीति बनाने के बजाय आम लोगों को असुविधा झेलने की सलाह देना गैरजिम्मेदाराना है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार संकट प्रबंधन में विफल रही है।

पीएम मोदी ने क्या कहा था

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए देशवासियों से विदेशी मुद्रा बचाने और ईंधन की खपत कम करने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि लोग जहां तक संभव हो सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें और पेट्रोल-डीजल की बचत करें।

प्रधानमंत्री ने मेट्रो शहरों में मेट्रो से सफर करने, कारपूलिंग अपनाने और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ाने की सलाह दी थी। उन्होंने यह भी कहा कि कोविड काल के दौरान अपनाई गई वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन मीटिंग और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसी व्यवस्थाओं को आगे भी जारी रखा जा सकता है, ताकि अनावश्यक यात्रा और ईंधन खर्च कम हो।

इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने लोगों से एक वर्ष तक सोना न खरीदने और विदेश यात्राओं को सीमित रखने का भी आग्रह किया था। उनका कहना था कि इससे विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम होगा और भारत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का बेहतर तरीके से सामना कर सकेगा।

Related Post

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *