पटना कोचिंग विवाद : ज्ञान बिंदु के निदेशक रोशन आनंद को नहीं मिली राहत, जमानत याचिका खारिज

पटना। राजधानी पटना के चर्चित कोचिंग विवाद और कथित फायरिंग मामले में ज्ञान बिंदु जीएस अकादमी के निदेशक रोशन आनंद को अदालत से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। इस फैसले के बाद उनकी कानूनी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

मामला 2 जून की रात पटना के मुसल्लहपुर हाट क्षेत्र में स्थित खान ग्लोबल स्टडीज के बाहर हुई हिंसा और कथित फायरिंग की घटना से जुड़ा है। घटना के बाद दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए गए थे। पुलिस जांच के आधार पर रोशन आनंद को गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद उन्होंने अदालत में जमानत याचिका दाखिल की थी।

सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि रोशन आनंद को गलत तरीके से मामले में फंसाया गया है और उनके खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य नहीं हैं। वहीं अभियोजन पक्ष ने पुलिस जांच, उपलब्ध साक्ष्यों और मामले की गंभीरता का हवाला देते हुए जमानत का विरोध किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे बाद में सुनाते हुए जमानत याचिका खारिज कर दी गई।

इसी मामले में खान ग्लोबल स्टडीज के संचालक फैजल खान उर्फ खान सर को फिलहाल राहत मिली है। उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए पटना जिला एवं सत्र न्यायालय ने अगली सुनवाई तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। अदालत के आदेश के अनुसार, इस अवधि में पुलिस खान सर को गिरफ्तार नहीं कर सकेगी।

एक ही मामले में दोनों पक्षों को मिले अलग-अलग न्यायिक निर्णयों ने इस पूरे विवाद को और अधिक चर्चित बना दिया है। जहां रोशन आनंद को जेल में रहना पड़ सकता है, वहीं खान सर को अंतरिम राहत मिलने से मामले पर लोगों की नजरें बनी हुई हैं।

रोशन आनंद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले चर्चित शिक्षकों में गिने जाते हैं। वे ज्ञान बिंदु जीएस अकादमी के संस्थापक हैं और छात्रों के बीच ‘दारोगा गुरु’ के नाम से भी लोकप्रिय हैं। उनका संस्थान बिहार पुलिस, दारोगा और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए जाना जाता है।

सहरसा जिले के धमसेना गांव के निवासी रोशन आनंद किसान परिवार से आते हैं। आर्थिक चुनौतियों के बीच उन्होंने अपनी शिक्षा पूरी की और सरकारी नौकरी की तैयारी की। वर्ष 2014 में उन्होंने बिहार पुलिस की लिखित परीक्षा उत्तीर्ण की थी, लेकिन शारीरिक दक्षता परीक्षा में सफल नहीं हो सके। इसके अलावा वे बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की परीक्षा में साक्षात्कार तक पहुंचे, लेकिन अंतिम चयन सूची में स्थान नहीं बना सके।

लगातार असफलताओं के बावजूद उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में अपना करियर बनाने का निर्णय लिया और 1 सितंबर 2017 को पटना में ज्ञान बिंदु जीएस अकादमी की स्थापना की। शुरुआती दौर में कुछ ही छात्रों के साथ शुरू हुआ यह संस्थान आज प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के क्षेत्र में एक प्रमुख नाम बन चुका है।

गौरतलब है कि मुसल्लहपुर हाट क्षेत्र पटना का प्रमुख कोचिंग हब माना जाता है। यहां वर्षों से अनेक कोचिंग संस्थान संचालित हो रहे हैं और संस्थानों के बीच प्रतिस्पर्धा को लेकर समय-समय पर विवाद भी सामने आते रहे हैं। शिक्षा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि कोचिंग उद्योग के तेजी से विस्तार के बावजूद इसके संचालन और नियमन के लिए स्पष्ट एवं प्रभावी व्यवस्था की कमी बनी हुई है। मौजूदा विवाद को भी इसी व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखा जा रहा है।

फिलहाल मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में अदालत की आगे की सुनवाई तथा पुलिस जांच की दिशा पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

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