सहारनपुर, 19 जुलाई। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख एवं सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार को सहारनपुर के चिलकाना रोड पर आयोजित जनसभा में भाजपा, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि एआईएमआईएम को सांप्रदायिक पार्टी बताना गलत है और उनकी पार्टी किसी भी समुदाय के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा को रोकने के लिए यदि जरूरत पड़ी तो अन्य राजनीतिक दलों के साथ गठबंधन करने के लिए भी उनकी पार्टी तैयार है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए ओवैसी ने राम मंदिर चढ़ावे से जुड़े कथित घोटाले का उल्लेख करते हुए कहा कि “आपकी नाक के नीचे चोरी हो गई। जो स्कैनर लगना था, वह आस्था के लिए नहीं बल्कि लूट के लिए लगाया गया।” उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार लोगों के वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटका रही है।
उन्होंने कहा कि यदि अन्याय और उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाना सांप्रदायिकता माना जाता है तो वह ऐसी आवाज उठाना जारी रखेंगे। ओवैसी ने कहा, “मैं फिरकापरस्त नहीं, बल्कि इंसाफपरस्त हूं।” उन्होंने मुस्लिम समाज से अपने राजनीतिक नेतृत्व को मजबूत करने की भी अपील की।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में सबसे अधिक समय तक सत्ता में रहने के बावजूद मुस्लिम समाज की शिक्षा और रोजगार की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। वहीं भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि वह मुस्लिम समुदाय के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपना रही है।
मीडिया से बातचीत में ओवैसी ने जौहर विश्वविद्यालय का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार इस संस्थान को निशाना बना रही है। उन्होंने दावा किया कि विश्वविद्यालय से जुड़े करीब तीन हजार छात्रों का भविष्य दांव पर लगा है और सरकार को इसे नियमित करने की दिशा में कदम उठाने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में मुस्लिम समुदाय के बीच उच्च शिक्षा का प्रतिशत बेहद कम है।
कलक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद के मुद्दे पर भी ओवैसी ने सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि संबंधित मस्जिद वर्ष 1955 से उत्तर प्रदेश सुन्नी वक्फ बोर्ड में पंजीकृत है और लंबे समय से धार्मिक स्थल के रूप में उपयोग में है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद उसे नोटिस देना उचित नहीं है और सरकार इस मामले में अन्याय कर रही है।
जनसभा के दौरान ओवैसी को सुनने के लिए बड़ी संख्या में समर्थक पहुंचे। मंच पर भीड़ बढ़ने से कुछ कार्यकर्ता मंच पर चढ़ गए, जिससे माइक क्षतिग्रस्त हो गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। बाद में वैकल्पिक व्यवस्था के बाद ओवैसी ने अपना संबोधन पूरा किया। इस दौरान समर्थकों ने मोबाइल फोन की टॉर्च जलाकर उनका स्वागत किया और जमकर नारेबाजी की।