लखनऊ, 19 जुलाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ में उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूपीएसडीएमए) के नवीन मुख्यालय भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन केवल सरकारी तंत्र की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के दैनिक जीवन का हिस्सा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि समय रहते सतर्कता, बेहतर तैयारी और जनजागरूकता के माध्यम से आपदाओं से होने वाली जन-धन की हानि को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदाओं के दौरान घबराहट और असामान्य व्यवहार नुकसान को बढ़ा देते हैं, जबकि थोड़ी-सी जागरूकता और सही समय पर उठाए गए कदम बड़ी दुर्घटनाओं को टाल सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आपदा प्रबंधन की व्यवस्था को और अधिक आधुनिक, तकनीक आधारित तथा प्रभावी बनाने की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने हाल ही में प्रदेश के विभिन्न जिलों में खराब मौसम के कारण एक ही दिन में 111 लोगों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि लखनऊ, फतेहपुर, प्रयागराज, जौनपुर और आजमगढ़ सहित कई जिलों में अचानक बदले मौसम के कारण हुई इन घटनाओं को बेहतर समन्वय और समय पर चेतावनी व्यवस्था के जरिए काफी हद तक रोका जा सकता था।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ‘अर्ली वार्निंग सिस्टम’ को और अधिक प्रभावी बनाया जाए, ताकि मौसम और अन्य प्राकृतिक आपदाओं की समय रहते सटीक जानकारी आम लोगों तक पहुंच सके। उन्होंने विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और राहत एवं बचाव कार्यों को और तेज तथा प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षित मानव संसाधन और मजबूत संस्थागत व्यवस्था ही आपदा प्रबंधन की सफलता की कुंजी है। नया मुख्यालय इन सभी उद्देश्यों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और प्रदेश की आपदा प्रबंधन क्षमता को नई मजबूती देगा।
इस अवसर पर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल सहित कई मंत्री, जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों से आपदा प्रबंधन को जनभागीदारी से जोड़ने और लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए निरंतर अभियान चलाने का आह्वान किया।