भ्रष्टाचार पर योगी सरकार की बड़ी कार्रवाई, हरदोई के दो अधिशासी अधिकारी निलंबित

लखनऊ, 18 जून 2026 (यूएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के तहत स्थानीय निकाय विभाग ने हरदोई जनपद में तैनात दो अधिशासी अधिकारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। रिश्वत और कमीशनखोरी के आरोपों में दोनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनके विरुद्ध विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।

निदेशक स्थानीय निकाय अनुज कुमार झा ने बताया कि नगर पालिका परिषद शाहाबाद, हरदोई में तैनात अधिशासी अधिकारी कृष्ण कुमार सोनकर को रिश्वत लेने के आरोपों के आधार पर निलंबित किया गया है। यह कार्रवाई अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) एवं स्थानीय निकाय प्रभारी अधिकारी हरदोई तथा नगर पालिका परिषद शाहाबाद के अध्यक्ष द्वारा उपलब्ध कराई गई रिपोर्ट के आधार पर की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।

इसी प्रकार नगर पालिका परिषद बिलग्राम, हरदोई में तैनात अधिशासी अधिकारी नीलाव शल्या के विरुद्ध भी कड़ी कार्रवाई की गई है। उन पर एक ठेकेदार से भुगतान के बदले कथित रूप से कमीशन और रिश्वत लेने का आरोप है। इस संबंध में एक वीडियो वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आया था। मामले में एफआईआर दर्ज होने तथा जिलाधिकारी हरदोई एवं अन्य अधिकारियों की रिपोर्ट मिलने के बाद उन्हें भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय कार्यवाही शुरू कर दी गई है।

निदेशक स्थानीय निकाय अनुज कुमार झा ने कहा कि स्थानीय निकायों में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितता अथवा पद के दुरुपयोग से जुड़े मामलों में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को संरक्षण नहीं दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है और किसी भी स्तर पर अनियमितता पाए जाने पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा तथा प्रमुख सचिव पी. गुरु प्रसाद भी लगातार विभागीय कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दे रहे हैं।

सरकार की इस कार्रवाई को स्थानीय निकायों में स्वच्छ प्रशासन और भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में यदि आरोप प्रमाणित होते हैं तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ और कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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