कार्यकाल बढ़ाने की मांग पर धरने पर बैठे ग्राम प्रधानों के बीच पहुंचे डिप्टी सीएम, खिलाई मिठाई

लखनऊ, 18 मई 2026 (यूएनएस)। उत्तर प्रदेश में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल अगले सप्ताह समाप्त होने जा रहा है। पंचायत चुनाव में आरक्षण प्रक्रिया लागू होने और चुनाव टलने की संभावना के बीच ग्राम प्रधानों ने कार्यकाल बढ़ाने की मांग तेज कर दी है। इसी मांग को लेकर सोमवार को सैकड़ों ग्राम प्रधान राजधानी लखनऊ पहुंचकर हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा के पास धरने पर बैठ गए।

धरने की सूचना मिलने पर उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक स्वयं प्रदर्शन स्थल पहुंचे। भीषण गर्मी के बीच उन्होंने ग्राम प्रधानों का हालचाल जाना, उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें पानी पिलवाने के साथ मिठाई भी खिलाई। डिप्टी सीएम ने प्रधानों को आश्वस्त किया कि उनकी मांग सरकार तक पहुंचाई जाएगी।

दरअसल, सोमवार को ही प्रदेश कैबिनेट ने पंचायत चुनावों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण तय करने के लिए समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन को मंजूरी दी है। आयोग छह महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा, जिसके आधार पर पंचायत चुनावों में आरक्षण प्रक्रिया लागू की जाएगी।

पंचायत चुनाव से जुड़ा मामला फिलहाल न्यायालय में भी विचाराधीन है। ऐसे में चुनाव समय पर होने की संभावना कम मानी जा रही है। इसी बीच शासन स्तर पर पंचायतों में प्रशासक नियुक्त करने की चर्चा भी तेज हो गई है।

गौरतलब है कि प्रदेश में 26 मई को ग्राम प्रधानों, जिला पंचायत सदस्यों और क्षेत्र पंचायत सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। पंचायत चुनाव की तैयारियां गांव-गांव में तेजी से चल रही थीं और संभावित प्रत्याशी भी सक्रिय हो चुके थे, लेकिन चुनाव टलने की संभावना के बाद ग्रामीण राजनीति का माहौल कुछ शांत पड़ता दिखाई दे रहा है।

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