समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग गठन सामाजिक न्याय की दिशा में ऐतिहासिक कदम : पंकज चौधरी

लखनऊ, 18 मई 2026 (यूएनएस)। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने उत्तर प्रदेश कैबिनेट द्वारा समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन को मंजूरी दिए जाने का स्वागत करते हुए इसे सामाजिक न्याय की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है।

उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि उसके लिए सामाजिक न्याय केवल राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि जमीन पर लागू होने वाली व्यवस्था है। पंचायतों में ओबीसी आरक्षण को संवैधानिक और कानूनी रूप से मजबूत आधार देने के लिए आयोग का गठन किया गया है, जो ग्रामीण निकायों में पिछड़े वर्गों की सामाजिक और राजनीतिक हिस्सेदारी का अध्ययन करेगा।

पंकज चौधरी ने कहा कि आयोग सही आंकड़ों, पारदर्शी प्रक्रिया और संवैधानिक व्यवस्था के आधार पर आरक्षण सुनिश्चित करेगा, जिससे पिछड़े समाज को लोकतंत्र की जड़ों तक मजबूत प्रतिनिधित्व मिलेगा और स्थानीय स्तर पर उनकी भागीदारी और अधिक प्रभावी होगी।

सपा को चुनाव आते ही पीडीए की याद आती है, सत्ता में रहते कभी नहीं किया ठोस काम

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार लगातार ऐसे निर्णय ले रही है, जिनसे गांव, गरीब, पिछड़े और वंचित समाज की लोकतांत्रिक भागीदारी मजबूत हो रही है। भाजपा सरकार का मानना है कि सामाजिक न्याय केवल नारों से नहीं, बल्कि मजबूत संस्थागत व्यवस्था, पारदर्शी नीति और वास्तविक प्रतिनिधित्व से सुनिश्चित होता है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पिछड़े वर्गों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देना, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, हर घर जल, स्वनिधि योजना और विश्वकर्मा योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से करोड़ों लोगों को सीधे लाभ पहुंचाना इसी सोच का हिस्सा है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि आयोग में ऐसे विशेषज्ञों को शामिल किया जाएगा, जिन्हें पिछड़े वर्गों से जुड़े विषयों की गहरी समझ और अनुभव हो। आयोग की अध्यक्षता उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश करेंगे, जिससे पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता और संवैधानिक मजबूती सुनिश्चित होगी।

समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए पंकज चौधरी ने कहा कि सपा ने वर्षों तक पिछड़ों और दलितों के नाम पर केवल वोट बैंक की राजनीति की। चुनाव आते ही उन्हें पीडीए की याद आती है, लेकिन सत्ता में रहते हुए उन्होंने सामाजिक न्याय के लिए कोई ठोस और पारदर्शी व्यवस्था विकसित नहीं की।

उन्होंने आरोप लगाया कि सपा की राजनीति परिवारवाद, तुष्टिकरण और चुनावी घोषणाओं तक सीमित रही है, जबकि भाजपा वास्तविक प्रतिनिधित्व, समान अवसर और सामाजिक न्याय की राजनीति करती है। उन्होंने कहा कि समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन भाजपा सरकार के उसी संकल्प का मजबूत उदाहरण है।

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