नीट विवाद के बीच शिक्षा मंत्रालय में बड़ा बदलाव: उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी का तबादला, नरेश पाल गंगवार संभालेंगे कमान

नई दिल्ली, 24 जुलाई 2026। मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी में कथित पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली को लेकर देशभर में जारी विवाद के बीच केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। सरकार ने उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी का तबादला कर उनकी जगह वरिष्ठ भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी नरेश पाल गंगवार को नया सचिव नियुक्त किया है। सरकार ने इस बदलाव का कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया है, लेकिन इसकी टाइमिंग को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

यह बदलाव ऐसे समय हुआ है, जब नीट-यूजी परीक्षा में कथित अनियमितताओं, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की कार्यप्रणाली और उच्च शिक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है। दिल्ली के जंतर-मंतर सहित कई स्थानों पर छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं और विपक्ष लगातार सरकार से जवाब मांग रहा है।

शिक्षा मंत्रालय की सबसे अहम प्रशासनिक जिम्मेदारी

उच्च शिक्षा विभाग का सचिव शिक्षा मंत्री के बाद मंत्रालय का सबसे महत्वपूर्ण अधिकारी माना जाता है। इसी विभाग के तहत राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी), विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, भारतीय प्रबंधन संस्थान, केंद्रीय विश्वविद्यालय तथा उच्च शिक्षा से जुड़ी अनेक राष्ट्रीय संस्थाएं कार्य करती हैं।

इस पद पर नियुक्त अधिकारी परीक्षा प्रणाली, उच्च शिक्षा नीतियों, विश्वविद्यालयों के प्रशासन, बजट और संस्थागत सुधारों की निगरानी करता है। इसलिए इस स्तर पर हुआ बदलाव केवल नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं माना जा रहा।

कैबिनेट नियुक्ति समिति ने दी मंजूरी

कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने सचिव स्तर पर कई अधिकारियों के तबादलों और नियुक्तियों को मंजूरी दी। इसके तहत वर्ष 1992 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी विनीत जोशी को पंचायती राज मंत्रालय भेजा गया है, जबकि वर्ष 1994 बैच के राजस्थान कैडर के अधिकारी नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग का नया सचिव नियुक्त किया गया है।

इसी क्रम में स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग में भी नए सचिव की नियुक्ति की गई है। इस प्रकार शिक्षा मंत्रालय के दोनों प्रमुख विभागों में एक साथ नेतृत्व परिवर्तन हुआ है।

नीट विवाद के बीच बढ़ी चर्चा

हालांकि सरकार ने स्थानांतरण को किसी विवाद से नहीं जोड़ा है, लेकिन यह निर्णय ऐसे समय आया है जब परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को लेकर व्यापक बहस चल रही है।

नीट-यूजी परीक्षा में कथित पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं के आरोपों के बाद छात्रों के प्रदर्शन, विपक्ष के विरोध और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग लगातार उठ रही है। इसी कारण उच्च शिक्षा विभाग के शीर्ष अधिकारी के बदलाव को कई राजनीतिक विश्लेषक जवाबदेही के संकेत के रूप में भी देख रहे हैं, हालांकि सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है।

विनीत जोशी का कार्यकाल

विनीत जोशी इससे पहले केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के महानिदेशक तथा मणिपुर के मुख्य सचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। दिसंबर 2024 से वे उच्च शिक्षा विभाग के सचिव थे।

उनके कार्यकाल के दौरान नीट परीक्षा से जुड़े विवादों के अलावा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के कुछ नियामकीय प्रस्तावों को लेकर भी बहस और कानूनी चुनौतियां सामने आई थीं। हालांकि इन घटनाओं और उनके तबादले के बीच किसी प्रत्यक्ष संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

सरकार और विपक्ष की प्रतिक्रिया

भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे ने इस प्रशासनिक बदलाव का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार पेपर लीक के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही को स्वीकार नहीं करेगी और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई जारी रहेगी।

वहीं विपक्षी दलों और छात्र संगठनों का कहना है कि केवल अधिकारियों के तबादले से समस्या का समाधान नहीं होगा। उनका कहना है कि परीक्षा प्रणाली में व्यापक संस्थागत सुधार, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है।

नए सचिव के सामने बड़ी चुनौती

नए उच्च शिक्षा सचिव नरेश पाल गंगवार ऐसे समय जिम्मेदारी संभाल रहे हैं जब परीक्षा प्रणाली में छात्रों का भरोसा बहाल करना सबसे बड़ी चुनौती माना जा रहा है।

उनके सामने प्रमुख चुनौतियां होंगी—

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाना।
परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना।
पेपर लीक जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी तंत्र विकसित करना।
विश्वविद्यालयों और राष्ट्रीय शिक्षण संस्थानों में प्रशासनिक सुधारों को गति देना।
उच्च शिक्षा से जुड़े लंबित सुधारों को समयबद्ध तरीके से लागू करना।

कौन हैं नए शिक्षा सचिव नरेश पाल गंगवार

नरेश पाल गंगवार 1994 बैच के IAS अधिकारी हैं, उन्होंने 1993 में UPSC परीक्षा पास की थी। गंगवार ने राज्य सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार में कई अहम पदों पर जिम्मेदारी संभाली है। राजस्थान सरकार की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के मुताबिक, नरेश पाल गंगवार प्रदेश कई जिलों के कलेक्टर रह चुके हैं और 2001 में उन्हें टोंक का कलेक्टर बनाया गया था।

कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने निम्नलिखित नियुक्तियों को मंज़ूरी दी है:

कटिकिथला श्रीनिवास, IAS, जो अभी आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय में सचिव हैं, उन्हें उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्रालय का सचिव नियुक्त किया गया है।
विनीत जोशी, IAS, जो अभी शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग में सचिव हैं, उन्हें पंचायती राज मंत्रालय का सचिव नियुक्त किया गया है। वे विवेक भारद्वाज, IAS (WB:90) की जगह लेंगे, जो 31.07.2026 को रिटायर हो रहे हैं।
नरेश पाल गंगवार, IAS, जो अभी मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के पशुपालन और डेयरी विभाग में सचिव हैं, उन्हें शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है। वे विनीत जोशी, IAS की जगह लेंगे, जिन्हें पंचायती राज मंत्रालय का सचिव नियुक्त किया गया है।
पीयूष गोयल, IAS, सचिव, खान मंत्रालय को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) में महासचिव के पद पर नियुक्त किया गया है; उन्हें भारत सरकार के सचिव का पद और वेतनमान मिलेगा।
टी. के. अनिल कुमार, अतिरिक्त सचिव, ग्रामीण विकास विभाग, ग्रामीण विकास मंत्रालय को स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग, शिक्षा मंत्रालय में सचिव नियुक्त किया गया है।
सुशील कुमार लोहानी, IAS, अतिरिक्त सचिव, पंचायती राज मंत्रालय को पशुपालन और डेयरी विभाग, मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय में विशेष कर्तव्य अधिकारी (OSD) नियुक्त किया गया है; उन्हें भारत सरकार के सचिव का पद और वेतनमान मिलेगा। यह अधिकारी नरेश पाल गंगवार, IAS की जगह पशुपालन और डेयरी विभाग, मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय में सचिव का पद संभालेंगे; गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग, शिक्षा मंत्रालय में सचिव नियुक्त किया गया है।
अर्चना वर्मा, IAS, मिशन निदेशक, राष्ट्रीय जल मिशन, जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग, जल शक्ति मंत्रालय को उसी विभाग और मंत्रालय में मिशन निदेशक के पद पर नियुक्त किया गया है, लेकिन इस पद को अस्थायी रूप से ‘सचिव’ के स्तर तक अपग्रेड किया गया है और उन्हें भारत सरकार के सचिव का पद और वेतनमान मिलेगा।

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