जिसके हृदय में राम हैं वही बड़ा है: रामभद्राचार्य

जिसके हृदय में राम हैं वही बड़ा है: रामभद्राचार्य

लखनऊ,07 जून 2026 (यूएनएस)। पद्मविभूषण तुलसीपीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने श्रीराम कथा के 7वें दिन केवट प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में ऊंच-नीच के लिए कोई स्थान नहीं है। जिसके हृदय में राम नहीं हैं वह छोटा है और जिसके हृदय में राम हैं वही बड़ा है। भक्ति मुक्ति और मोक्ष से भी श्रेष्ठ है। राम भक्ति प्राप्त हो जाने पर विद्या पर स्वयं ब्रह्म विराजमान हो जाता है।

सीतापुर रोड स्थित बृज की रसोई परिसर में आयोजित श्रीराम कथा में रामभद्राचार्य ने कहा कि हमारे वेद, पुराण, इतिहास और श्रुतियां कहीं भी भेदभाव की शिक्षा नहीं देते हैं। उन्होंने पादसेवन भक्ति की व्याख्या करते हुए कहा कि भक्ति गंगा है, विद्या नाव है और विद्वान केवट है। रावण, कंस और शिशुपाल जैसे असुरों को मोक्ष तो मिला, लेकिन उन्हें भक्ति का सौभाग्य प्राप्त नहीं हुआ। कथा के दौरान जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने आवा हो मोरे नाव के खेवैया और राघव तुम बिन सूनी मोरी नैया जैसे भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। पूरा पंडाल भक्तिरस में डूब गया और श्रद्धालु देर तक भजनों के साथ झूमते रहे।

स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा कि लखनऊ को भगवान लक्ष्मण ने बसाया और लाखन पासी ने सजाया। उन्होंने कहा कि लाखन पासी का नाम भी लक्ष्मण के नाम पर पड़ा। लक्ष्मण टीला का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वह उस दिन वहां दर्शन करने जाएंगे, जब उस स्थान पर भगवान लक्ष्मण का भव्य मंदिर बनेगा। उन्होंने कहा कि हम किसी के विरोधी नहीं हैं और सह-अस्तित्व में विश्वास करते हैं।

 लक्ष्मण टीला की न्यायिक लड़ाई लड़ रहे ऋषि त्रिवेदी मिले राम भद्राचार्य से
लक्ष्मण टीला की न्यायिक लड़ाई लड़ रहे ऋषि त्रिवेदी मिले राम भद्राचार्य से

भारत में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति को राष्ट्र और उसकी सांस्कृतिक अस्मिता का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने तुष्टीकरण के बजाय पुष्टिकरण की नीति अपनाने की बात कही और सनातन संस्कृति एवं मूल्यों की रक्षा के लिए संस्कृत भाषा सीखने का आह्वान किया। कथारंभ से पूर्व तुलसीपीठ के आचार्य रामचंद्र दास ने मंगलाचरण प्रस्तुत किया। कथा के दौरान प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, वरिष्ठ भाजपा नेता नीरज सिंह, भाजपा प्रदेश कार्यालय प्रभारी भारत दीक्षित, यूपी पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य लक्ष्मण चौधरी, न्यायमूर्ति अनिल कुमार, वरिष्ठ अधिवक्ता प्रांशु अग्रवाल तथा आंजनेय पीठाधीश्वर स्वामी रामानुजाचार्य सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने व्यासपीठ का आशीर्वाद प्राप्त किया। कथा शुरू होने से पहले विधायक डॉ. नीरज बोरा ने व्यवस्था में सहयोग करने वाले कार्यकर्ताओं, सोशल मीडिया टीम और इन्फ्लुएंसर्स को सम्मानित किया।

उन्होंने श्री श्याम परिवार, मारवाड़ी युवा मंच, सिविल डिफेंस, बोरा फाउंडेशन, इंटरनेशनल वैश्य फेडरेशन और उत्सव संस्था के कार्यकर्ताओं का आभार जताते हुए कहा कि हजारों श्रद्धालुओं के बीच कथा के सफल आयोजन में सभी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। मीडिया प्रभारी डॉ. एस.के. गोपाल ने बताया कि सोमवार को कथा का आठवां दिवस शाम 5 बजे से शुरू होगा, जबकि मंगलवार को अंतिम दिवस की कथा प्रातः 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित की जाएगी। इसके बाद दोपहर में भंडारे का आयोजन होगा।

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