नई दिल्ली, 10 जून 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अहमदाबाद मेट्रो रेल परियोजना के फेज-2ए को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना के तहत कोटेश्वर रोड से एयरपोर्ट तक 6.032 किलोमीटर लंबा नया मेट्रो कॉरिडोर विकसित किया जाएगा, जिससे शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।
केंद्र सरकार ने देश के शहरी विकास को आधुनिक बनाने और बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) को नई रफ्तार देने की दिशा में कई बड़े और दूरगामी निर्णय लिए हैं। इन फैसलों में आंध्र प्रदेश की नई राजधानी अमरावती के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने से लेकर गुजरात के अहमदाबाद शहर में मेट्रो रेल नेटवर्क के व्यापक विस्तार की योजनाएं शामिल हैं। इन ऐतिहासिक फैसलों के साथ ही देश के राजनीतिक पटल पर एक नया कीर्तिमान भी स्थापित हुआ है, जो सरकार के सुदृढ़ नेतृत्व को दर्शाता है।
कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव पारित, पीएम मोदी के नाम दर्ज हुआ ऐतिहासिक कीर्तिमान
केंद्रीय कैबिनेट के निर्णयों की आधिकारिक जानकारी साझा करते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में एक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सबसे लंबी अवधि तक देश सेवा करने का एक नया और अभूतपूर्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। इस गौरवशाली और ऐतिहासिक उपलब्धि को रेखांकित करने के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में विशेष रूप से एक बधाई प्रस्ताव भी सर्वसम्मति से पारित किया गया। मंत्रियों का मानना है कि यह कीर्तिमान प्रधानमंत्री के प्रति देश की जनता के अटूट विश्वास और उनके निरंतर कुशल नेतृत्व का परिचायक है।
अमरावती में बनेंगे केंद्रीय कार्यालय व आवास और अहमदाबाद में दौड़ेगी मेट्रो
आंध्र प्रदेश के नए शहर अमरावती को एक आधुनिक प्रशासनिक केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए केंद्र सरकार ने दो बड़ी अवसंरचना परियोजनाओं को हरी झंडी दिखाई है। इसके तहत अमरावती में केंद्रीय सरकारी जनरल पूल कार्यालय आवास (CGGPOA) और जनरल पूल आवासीय आवास (GPRA) का निर्माण किया जाएगा, जिससे वहां केंद्रीय विभागों के कामकाज और अधिकारियों के रहने की उत्तम व्यवस्था सुनिश्चित होगी। इसके साथ ही, गुजरात में शहरी यातायात को सुगम बनाने के लिए कैबिनेट ने ‘अहमदाबाद मेट्रो रेल परियोजना के चरण 2ए’ (Phase 2A) को भी अपनी स्वीकृति दे दी है। इस नए चरण के तहत 6.032 किलोमीटर लंबा एक नया कॉरिडोर तैयार किया जाएगा, जिसमें पांच आधुनिक मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे। इस विस्तार के बाद अहमदाबाद और गांधीनगर के बीच कुल 77.63 किलोमीटर लंबा एक विशाल और सक्रिय मेट्रो रेल नेटवर्क आम जनता की यात्रा को बेहद सुगम बना देगा।
भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए पीएम मोदी के ‘सात संकल्प’
केंद्रीय मंत्री ने देश की आर्थिक उन्नति का रोडमैप साझा करते हुए बताया कि भारतीय अर्थव्यवस्था को वैश्विक स्तर पर अग्रणी और भविष्य के लिए तैयार करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री ने ‘सात संकल्प’ देश के सामने रखे हैं। इन संकल्पों के अंतर्गत देश में डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने, स्टार्टअप इंडिया अभियान को नई ऊंचाइयों पर ले जाने, नवाचार (इनोवेशन) और उद्यमिता को हर स्तर पर प्रोत्साहित करने पर विशेष बल दिया गया है। इन सात संकल्पों में युवाओं के कौशल विकास (स्किल्स) को प्राथमिकता देने के साथ-साथ देश भर में खेल और फिटनेस के विशेष कार्यक्रम चलाने का आह्वान भी किया गया है। सरकार का मानना है कि यह दूरगामी पहल भारतीय कॉर्पोरेट जगत और एमएसएमई (MSME) सेक्टर के लिए एक अत्यंत कुशल, ऊर्जावान और स्वस्थ कार्यबल तैयार करने में मील का पत्थर साबित होगी।
सरकार का मानना है कि एयरपोर्ट तक मेट्रो सेवा शुरू होने से निजी वाहनों और टैक्सियों पर निर्भरता घटेगी, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था अधिक सुचारु और व्यवस्थित बन सकेगी।
पर्यावरणीय दृष्टि से भी यह परियोजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मेट्रो रेल को स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन साधन माना जाता है। अहमदाबाद और गांधीनगर में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार से कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी तथा जीवाश्म ईंधन आधारित वाहनों पर निर्भरता कम होगी।
इसके अलावा, नई मेट्रो लाइन एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और बस डिपो जैसे प्रमुख परिवहन केंद्रों तक पहुंच को आसान बनाएगी। इससे व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और नए स्टेशनों के आसपास स्थानीय व्यवसायों, दुकानों तथा सेवा क्षेत्र के विस्तार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
सरकार के अनुसार, परियोजना के निर्माण चरण में लगभग 2,000 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। वहीं संचालन और रखरखाव के दौरान करीब 500 लोगों को स्थायी रोजगार उपलब्ध हो सकेगा।
