भीम आर्मी ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा, आरक्षण, जातीय जनगणना और भूमिहीनों को भूमि देने की उठाई मांग

बांदा, 30 जून। भीम आर्मी भारत एकता मिशन के पदाधिकारियों ने मंगलवार को विभिन्न सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक मांगों को लेकर प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। संगठन ने दलित, पिछड़े, आदिवासी और अल्पसंख्यक वर्गों के अधिकारों से जुड़े कई मुद्दे उठाते हुए केंद्र सरकार से शीघ्र निर्णय लेने की मांग की।

ज्ञापन में कहा गया कि आजादी के कई दशक बाद भी समाज के वंचित वर्गों की सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका है। ऐसे में संविधान की भावना के अनुरूप इन वर्गों को समान अवसर और अधिकार सुनिश्चित किए जाने की आवश्यकता है।

दलित, पिछड़े, आदिवासी और अल्पसंख्यक वर्गों के अधिकारों को लेकर प्रशासन के माध्यम से भेजा ज्ञापन

संगठन ने मांग की कि लोकतंत्र के चारों स्तंभ—विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका और पत्रकारिता—में आरक्षण व्यवस्था लागू की जाए। साथ ही सरकारी और निजी क्षेत्रों में आबादी के अनुपात के आधार पर आरक्षण, पदोन्नति में आरक्षण तथा लंबित बैकलॉग रिक्तियों को जल्द भरने की मांग भी की गई।

ज्ञापन में भूमिहीन गरीब परिवारों को कृषि योग्य भूमि के पट्टे आवंटित करने, देशव्यापी जातीय जनगणना कराने तथा सरकारी सेवाओं में लेटरल एंट्री की व्यवस्था समाप्त करने की भी मांग उठाई गई।

शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में आरक्षण लागू करने की मांग

भीम आर्मी ने शिक्षा के क्षेत्र में भी कई सुझाव दिए। संगठन ने कहा कि नीट, जेईई, यूपीएससी तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में आरक्षण व्यवस्था का प्रभावी पालन सुनिश्चित किया जाए। इसके अलावा स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में संविधान के अनुरूप वंचित वर्गों को समान शैक्षिक अवसर उपलब्ध कराए जाएं।

ज्ञापन में सभी शिक्षण संस्थानों में भारतीय संविधान के अध्ययन को अनिवार्य किए जाने तथा प्रत्येक जिले में डॉ. भीमराव आंबेडकर छात्रावास स्थापित करने की भी मांग की गई।

सफाई कर्मचारियों के नियमितीकरण और मॉब लिंचिंग पर कानून की मांग

संगठन ने नगर निकायों में कार्यरत संविदा और निजी सफाई कर्मचारियों को नियमित करने, ठेका प्रथा समाप्त करने तथा सीवर और नालों की सफाई के लिए आधुनिक मशीनों का उपयोग सुनिश्चित करने की मांग की।

इसके साथ ही मॉब लिंचिंग की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सख्त कानून बनाने, फर्जी मुठभेड़ों और गोकशी के कथित झूठे मामलों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी ज्ञापन में शामिल की गई।

किसानों के लिए स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करने की मांग

भीम आर्मी ने किसानों के हितों से जुड़े मुद्दे भी उठाए। संगठन ने स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप फसलों का लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने तथा किसानों को 100 प्रतिशत फसल बीमा का लाभ उपलब्ध कराने की मांग की।

संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि इन सभी मांगों का उद्देश्य संविधान में निहित सामाजिक न्याय और समान अवसर के सिद्धांतों को प्रभावी रूप से लागू कराना है। उन्होंने केंद्र सरकार से इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।

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