अंबेडकर के अस्थि कलश को हटाने के विरोध में आरपीआई का प्रदर्शन, सरकार को दी आंदोलन की चेतावनी

अंबेडकर के अस्थि कलश को हटाने के विरोध में आरपीआई का प्रदर्शन, सरकार को दी आंदोलन की चेतावनी

लखनऊ, 30 जून। डॉ. भीमराव अंबेडकर के अस्थि कलश को कथित रूप से विस्थापित किए जाने की आशंका के विरोध में मंगलवार को राजधानी लखनऊ में रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने हजरतगंज चौराहे से विधानभवन के समीप स्थित अस्थि कलश स्थल तक विरोध मार्च निकालने का प्रयास किया, लेकिन भारी पुलिस बल ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए अस्थि कलश को किसी भी स्थिति में नहीं हटाने की मांग की।

हजरतगंज से विधानसभा तक मार्च की कोशिश, पुलिस ने रोका; 9 अगस्त को महाआंदोलन का ऐलान

प्रदर्शन के दौरान आरपीआई नेताओं ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर का अस्थि कलश करोड़ों लोगों की आस्था और सम्मान का प्रतीक है। यदि सरकार ने इसके साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ या विस्थापन का प्रयास किया तो राज्यव्यापी आंदोलन चलाया जाएगा।

आरपीआई के प्रदेश अध्यक्ष पवन भाई गुप्ता ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर केवल एक महापुरुष नहीं, बल्कि भारतीय संविधान के शिल्पकार और सामाजिक न्याय, समानता तथा लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि उनसे जुड़ी किसी भी धरोहर के साथ लापरवाही या बदलाव स्वीकार नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा, “अस्थि कलश हमारे लिए आस्था का विषय है। हम किसी भी कीमत पर अपनी आस्था के साथ खिलवाड़ नहीं होने देंगे। यदि सरकार ने इसे हटाने या स्थानांतरित करने का प्रयास किया तो उसका लोकतांत्रिक तरीके से कड़ा विरोध किया जाएगा।”

75 जिलों में ज्ञापन, 9 अगस्त को महाआंदोलन की चेतावनी

पवन भाई गुप्ता ने बताया कि पार्टी उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में जिलाधिकारियों के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर इस मुद्दे पर विरोध दर्ज कराएगी। उन्होंने कहा कि यदि इसके बाद भी सरकार ने कोई कार्रवाई की तो 9 अगस्त को लखनऊ में व्यापक महाआंदोलन आयोजित किया जाएगा।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को जनता की धार्मिक और सामाजिक भावनाओं का सम्मान करना चाहिए तथा देश के करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़े इस विषय पर कोई एकतरफा निर्णय नहीं लेना चाहिए।

पुलिस ने मार्च को आगे बढ़ने से रोका

आरपीआई कार्यकर्ता अटल चौक स्थित बाबा साहब की प्रतिमा से अस्थि कलश स्थल तक पैदल मार्च निकालना चाहते थे। हालांकि, पहले से तैनात पुलिस बल ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने वहीं विरोध प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

1991 में स्थापित किया गया था अस्थि कलश

आरपीआई नेताओं ने बताया कि वर्ष 1991 में डॉ. भीमराव अंबेडकर का अस्थि कलश विधानभवन के निकट स्थापित किया गया था। बाद में तत्कालीन मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह के कार्यकाल में वहां बाबा साहब की प्रतिमा का भी अनावरण किया गया था। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह स्थल लंबे समय से श्रद्धा और सम्मान का केंद्र रहा है, इसलिए इसके स्वरूप में किसी भी प्रकार का बदलाव स्वीकार नहीं किया जाएगा।

हालांकि, इस संबंध में राज्य सरकार की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *