सीबीएसई विवाद पर राहुल गांधी का केंद्र सरकार पर हमला, बोले- यह जवाबदेही नहीं, कवर-अप है

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी

नई दिल्ली, 02 जून (यूएनएस)। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के अध्यक्ष और सचिव के तबादले तथा ऑन-स्क्रीन मूल्यांकन प्रणाली (ओएसएम) से जुड़े मामले की जांच के लिए एक सदस्यीय समिति गठित किए जाने के बाद केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने इस पूरी कार्रवाई को “कवर-अप” करार देते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने और मामले की स्वतंत्र न्यायिक जांच कराने की मांग की है।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “सीबीएसई अध्यक्ष-तबादला, सीबीएसई सचिव-तबादला, एक सदस्यीय जांच समिति गठित, लेकिन असली जिम्मेदार धर्मेंद्र प्रधान सुरक्षित हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों को हटाकर मंत्री को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। राहुल गांधी ने कहा कि यह जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि पूरे मामले पर पर्दा डालने की कोशिश है।

कांग्रेस सांसद ने कहा कि उनकी मांग पहले की तरह अब भी कायम है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त किया जाए और पूरे मामले की स्वतंत्र न्यायिक जांच कराई जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार एक महीने पुराने विवाद को चुपचाप समाप्त करने की कोशिश कर रही है।

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि यदि उन्हें सीबीएसई के 18.5 लाख छात्रों की वास्तव में चिंता होती, तो शिक्षा मंत्री के खिलाफ अब तक कार्रवाई हो चुकी होती। उन्होंने कहा कि छात्रों और उनके भविष्य से जुड़े मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।

गौरतलब है कि हाल ही में केंद्र सरकार ने सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मूल्यांकन प्रणाली (ओएसएम) से संबंधित सेवाओं की खरीद प्रक्रिया की जांच के लिए एक सदस्यीय समिति का गठन किया है। इस समिति की अध्यक्षता क्षमता निर्माण आयोग की अध्यक्ष एस. राधा चौहान को सौंपी गई है। समिति को एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

ऑन-स्क्रीन मूल्यांकन प्रणाली से जुड़े इस मामले को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस जहां उच्चस्तरीय जवाबदेही और न्यायिक जांच की मांग कर रही है, वहीं केंद्र सरकार का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए समिति का गठन किया गया है। समिति की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

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