लखनऊ | 31 जुलाई, 2026: उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने संसद के दोनों सदनों से लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पारित होने का स्वागत करते हुए इसे देश की परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी, निष्पक्ष और विश्वसनीय बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया है। उन्होंने कहा कि इस कानून के लागू होने से पेपर लीक जैसी गंभीर समस्या पर प्रभावी अंकुश लगेगा और प्रतिभाशाली युवाओं के भविष्य के साथ होने वाले अन्याय को रोका जा सकेगा।
शुक्रवार को जारी अपने बयान में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के युवाओं से परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए कठोर कानून लाने का जो वादा किया था, यह विधेयक उसी संकल्प को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विश्वास जताया कि कानून लागू होने के बाद देश धीरे-धीरे पेपर लीक की कुप्रथा से मुक्त होगा और लाखों विद्यार्थियों को निष्पक्ष एवं भरोसेमंद परीक्षा प्रणाली का लाभ मिलेगा।
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि केंद्र सरकार युवाओं के हितों की रक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रभावी एवं निर्णायक कदम उठा रही है। उनके अनुसार यह कानून न केवल परीक्षा प्रणाली की शुचिता और विश्वसनीयता को मजबूत करेगा, बल्कि मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों के मन में व्यवस्था के प्रति विश्वास भी बढ़ाएगा।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं युवाओं के लिए चिंता और निराशा का कारण बन रही थीं। ऐसे में यह कानून दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का रास्ता प्रशस्त करेगा और परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित एवं पारदर्शी बनाएगा।
उन्होंने संसद से वंदे मातरम् विधेयक पारित होने का भी स्वागत किया। मौर्य ने कहा कि यह विधेयक पारित होना आवश्यक था और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार के तीसरे कार्यकाल में इसे संसद से मंजूरी मिलना महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने इस विधेयक के पक्ष में मतदान करने वाले सभी सांसदों का अभिनंदन और आभार भी व्यक्त किया।