यूपी क्रिकेट में ‘सिंडिकेट राज’ के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगे मोहसिन रज़ा, UPPL में भ्रष्टाचार और अवैध एंट्री का आरोप

लखनऊ, 11 जून 2026 (यूएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व राज्यमंत्री, पूर्व रणजी क्रिकेटर और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहसिन रज़ा ने उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) में कथित भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और मनमानी के खिलाफ अपनी मुहिम तेज कर दी है। ‘सेव उत्तर प्रदेश क्रिकेट’ अभियान के तहत उन्होंने घोषणा की है कि प्रदेश के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के हितों की रक्षा के लिए वह इस मामले को उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय तक ले जाएंगे।

मोहसिन रज़ा ने जारी वीडियो संदेश में कहा कि उत्तर प्रदेश के सभी 75 जनपदों से खिलाड़ियों, अभिभावकों और क्रिकेट प्रेमियों की बड़ी संख्या में शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। उन्होंने दावा किया कि भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बीसीसीआई) को भी इस संबंध में हजारों शिकायतें भेजी जा चुकी हैं।

पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि यूपीसीए में चयन प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है और खिलाड़ियों के चयन में कथित रूप से धनबल का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जो खिलाड़ी आर्थिक रूप से सक्षम नहीं हैं, उन्हें अवसरों से वंचित किया जा रहा है।

यूपीपीएल में भी अनियमितताओं का आरोप

मोहसिन रज़ा ने उत्तर प्रदेश प्रीमियर लीग (यूपीपीएल) में भी गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों से एक ही समूह क्रिकेट व्यवस्था पर नियंत्रण बनाए हुए है और वही लोग अलग-अलग भूमिकाओं में लगातार सक्रिय हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि यूपीपीएल के खिलाड़ियों की नीलामी प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी नियमों को दरकिनार कर कुछ खिलाड़ियों को पिछले दरवाजे से टीमों में शामिल किया गया। उनके अनुसार यह प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के अधिकारों का हनन है और चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करता है।

भारतीय टीम के साथ जुड़े लोगों पर भी सवाल

पूर्व रणजी खिलाड़ी ने कहा कि उत्तर प्रदेश क्रिकेट से जुड़े कुछ विवादित और कथित रूप से भ्रष्ट लोग भारतीय क्रिकेट टीम के साथ भी विभिन्न भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे क्रिकेट प्रशासन की पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्न उठते हैं।

मुख्यमंत्री को भी कराया अवगत

मोहसिन रज़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘खेलो इंडिया’ विजन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की खेल नीति के तहत प्रदेश में खेल अवसंरचना और खिलाड़ियों के विकास के लिए व्यापक कार्य किए जा रहे हैं, लेकिन कुछ लोगों की वजह से प्रतिभाओं को उचित अवसर नहीं मिल पा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि पूरे मामले से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी अवगत कराया जा चुका है। साथ ही प्रदेश के खिलाड़ियों और अभिभावकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि वह इस मुद्दे को अंत तक उठाते रहेंगे और कानूनी लड़ाई के माध्यम से क्रिकेट प्रशासन में पारदर्शिता सुनिश्चित कराने का प्रयास करेंगे।

मोहसिन रज़ा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर के अनेक अनुभवी खिलाड़ी और खेल प्रशासक मौजूद हैं, जो क्रिकेट व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और पेशेवर ढंग से संचालित कर सकते हैं।

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