फाजिलनगर का नाम बदलकर पावागढ़ होगा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया ऐलान

कुशीनगर, 02 जून (यूएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुशीनगर जिले की फाजिलनगर नगर पंचायत का नाम बदलकर पावागढ़ करने की घोषणा की है। मंगलवार को तमकुही क्षेत्र में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि फाजिलनगर के नाम परिवर्तन का प्रस्ताव भेज दिया गया है और अब यह क्षेत्र भगवान महावीर की ऐतिहासिक एवं धार्मिक विरासत के अनुरूप पावागढ़ के नाम से जाना जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा, “हम फाजिलनगर क्यों कहें? इसका नाम भगवान महावीर के नाम पर होगा। हम इसे मान्यता देने जा रहे हैं। पावागढ़ की परंपरा और संस्कृति से जुड़कर देश-दुनिया के लोग यहां आएंगे। अपनी विरासत पर गर्व करना हर नागरिक का दायित्व है।”

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दूसरी बार फाजिलनगर का नाम बदलने की घोषणा कर रहे हैं। इससे पहले पिछले वर्ष गाजियाबाद में आयोजित एक जनसभा में भी उन्होंने फाजिलनगर का नाम पावागढ़ करने की बात कही थी।

धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण कुशीनगर का संबंध भगवान बुद्ध और भगवान महावीर दोनों से रहा है। कुशीनगर भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली के रूप में विश्वभर में प्रसिद्ध है। वहीं जैन मान्यताओं के अनुसार भगवान महावीर ने पावा, जिसे वर्तमान में फाजिलनगर कहा जाता है, में अपना अंतिम उपदेश दिया था। इसी कारण लंबे समय से इस क्षेत्र को उसकी प्राचीन पहचान दिलाने की मांग उठती रही है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था और विकास के मुद्दे पर भी अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने “यूपी से माफिया और मच्छर दोनों को समाप्त करने का काम किया है।” उनके अनुसार मच्छर बीमारियां फैलाते हैं और माफिया बेरोजगारी को बढ़ावा देते हैं। सरकार ने दोनों समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश में निकलने वाली सरकारी नौकरियों में कुशीनगर के युवाओं को भी अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि डबल इंजन सरकार के प्रयासों से जिले में विकास की नई तस्वीर उभर रही है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लगभग 424 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि पहले तमकुही क्षेत्र को लेकर अक्सर उपेक्षापूर्ण और मजाकिया टिप्पणियां होती थीं, लेकिन अब जनप्रतिनिधियों की सक्रियता और सरकार की योजनाओं के कारण विकास धरातल पर दिखाई दे रहा है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वर्तमान कार्यक्रम दो विधानसभा क्षेत्रों के लिए आयोजित किया गया है, जबकि भविष्य में जिले की सभी सात विधानसभा सीटों के लिए अलग-अलग विकास कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाओं को गति दी जा सके।

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