डॉ. राजेश्वर सिंह ने लतीफनगर को दी विकास परियोजनाओं की सौगात, पंचायत भवन का किया लोकार्पण

लखनऊ, 04 जून 2026 (यूएनएस)। सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने ग्रामसभा लतीफनगर में 36 लाख रुपये की लागत से निर्मित पंचायत भवन (मिनी सचिवालय) तथा विभिन्न जनहितकारी विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह केवल भवन निर्माण का कार्य नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में सुशासन, बेहतर जनसुविधाओं और सशक्त प्रशासनिक व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

उन्होंने कहा कि पंचायत भवन ग्रामीण नागरिकों को विभिन्न सरकारी सेवाएं और योजनाओं का लाभ गांव स्तर पर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे लोगों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए दूर-दराज के कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने बताया कि लतीफनगर में राजकीय डिग्री कॉलेज के निर्माण के लिए 13.50 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि यह कॉलेज क्षेत्र के विद्यार्थियों, विशेषकर ग्रामीण युवाओं के लिए उच्च शिक्षा के नए अवसर उपलब्ध कराएगा और उनके भविष्य को नई दिशा देगा।

कार्यक्रम के दौरान हाईस्कूल परीक्षा में 89.5 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाली छात्रा कु. शेजल चौरसिया को लैपटॉप देकर सम्मानित किया गया। डॉ. सिंह ने कहा कि शिक्षा समाज और राष्ट्र निर्माण का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने बताया कि सरोजनीनगर क्षेत्र के विद्यालयों में कंप्यूटर प्रयोगशालाओं की स्थापना, मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप और साइकिल उपलब्ध कराने जैसे प्रयास लगातार किए जा रहे हैं।

महिला सशक्तिकरण का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि क्षेत्र में संचालित 180 से अधिक तारा शक्ति केंद्र महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य कर रहे हैं। इन केंद्रों के माध्यम से अब तक एक लाख से अधिक ध्वज और पचास हजार से अधिक विद्यालयी बैग तैयार किए जा चुके हैं, जिससे महिलाओं को रोजगार और आय के अवसर प्राप्त हुए हैं।

उन्होंने कहा कि लगभग 5000 करोड़ रुपये की लागत से बन रही लखनऊ-कानपुर एलिवेटेड सड़क, लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत वाले हरौनी पुल, राजकीय डिग्री कॉलेज, आयुर्वेदिक चिकित्सालय तथा पंचायत भवन जैसी परियोजनाएं क्षेत्र के समग्र विकास को गति प्रदान कर रही हैं।

डॉ. सिंह ने धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर भी बल दिया। उन्होंने बताया कि अब तक 225 से अधिक मंदिरों का जीर्णोद्धार कराया जा चुका है तथा 500 मंदिरों के संरक्षण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं और ग्रामीणों के लिए राम रथ के माध्यम से अयोध्या दर्शन की व्यवस्था, रोजगार सृजन, औद्योगिक निवेश को बढ़ावा तथा चौबीसों घंटे संचालित जनसहायता कार्यालय के माध्यम से जनसेवा का कार्य निरंतर जारी है।

कार्यक्रम में ग्राम प्रधान मालती शुक्ला, प्रधान प्रतिनिधि तरुण शुक्ला सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

अपने संबोधन के अंत में डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल निर्माण कार्य कराना नहीं, बल्कि शिक्षा, रोजगार, महिला सशक्तिकरण, सांस्कृतिक संरक्षण और जनसेवा के माध्यम से सरोजनीनगर को आत्मनिर्भर, समृद्ध और विकसित क्षेत्र के रूप में स्थापित करना है।

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