विधानसभा के प्रमुख सचिव पर भ्रष्टाचार के आरोप, पूर्व सूचना अधिकारी ने एफआईआर की मांग की

लखनऊ, 12 जून 2026 (RNN)। उत्तर प्रदेश विधानसभा के प्रमुख सचिव प्रदीप दुबे के खिलाफ भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग के आरोप लगाते हुए हजरतगंज कोतवाली में तहरीर दी गई है। विधानसभा के पूर्व सूचना अधिकारी कर्मेश प्रताप सिंह ने उनके विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

कर्मेश प्रताप सिंह का आरोप है कि विधानसभा में भ्रष्टाचार, जालसाजी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने, पद के दुरुपयोग, फर्जी शपथ पत्र और गलत अभिलेखों के इस्तेमाल जैसे मामलों में प्रमुख सचिव की भूमिका रही है। उन्होंने अपनी शिकायत में कुछ अन्य अधिकारियों की संलिप्तता का भी उल्लेख किया है और संबंधित साक्ष्य उपलब्ध कराने का दावा किया है।

उन्होंने बताया कि पांच जून को उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ में प्रदीप दुबे से जुड़े एक मामले की सुनवाई हुई थी, जिसके बाद यह मामला चर्चा में आया। इसके बाद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग ने नए विवाद को जन्म दे दिया है।

कर्मेश प्रताप सिंह के अनुसार उच्च न्यायालय में दाखिल याचिका ‘क्वो वारंटो’ प्रकृति की है, जिसमें प्रदीप दुबे की नियुक्ति को चुनौती दी गई है। वहीं हजरतगंज कोतवाली में दी गई तहरीर नियुक्ति से संबंधित नहीं, बल्कि कथित भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितताओं और प्रशासनिक गड़बड़ियों से जुड़े आरोपों पर आधारित है।

पुलिस का कहना है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। उपलब्ध तथ्यों और कानूनी राय के आधार पर आगे की कार्रवाई का निर्णय लिया जाएगा।

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