लखनऊ/नई दिल्ली, 18 अप्रैल 2026। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने महिला आरक्षण को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण बिल को लेकर देशभर में “भ्रामक प्रचार” किया जा रहा है और विपक्ष पर लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह झूठे हैं।
“महिला आरक्षण बिल नहीं गिरा, संशोधन रोका गया”
संजय सिंह ने कहा कि वर्ष 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून अब भी लागू है और विपक्ष ने केवल उस संशोधन का विरोध किया, जिसके जरिए परिसीमन (डिलिमिटेशन) के नाम पर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की जा रही थी। उन्होंने कहा, “यह कहना गलत है कि महिला आरक्षण बिल गिरा है। विपक्ष ने सिर्फ उस साजिश को रोका है, जिसके जरिए देश में विभाजनकारी राजनीति को बढ़ावा दिया जा रहा था।”
मीडिया पर भी साधा निशाना
उन्होंने मीडिया की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि कुछ चैनल और अखबार बिना तथ्य जांचे सरकार के दावों को ही दोहरा रहे हैं। उन्होंने इसे “गोदी मीडिया” बताते हुए कहा कि इस तरह की रिपोर्टिंग लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।
“यह महिला आरक्षण नहीं, ‘बीजेपी जिताओ बिल’ था”
संजय सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा लाया गया संशोधन वास्तव में महिला अधिकारों के लिए नहीं, बल्कि चुनावी लाभ के लिए था। उन्होंने इसे “बीजेपी जिताओ बिल” करार देते हुए कहा कि विपक्ष की एकजुटता ने इसे संसद में विफल कर दिया।
डिलिमिटेशन पर उठाए सवाल
उन्होंने कहा कि परिसीमन के जरिए राज्यों की सीटों के पुनर्निर्धारण का प्रस्ताव उत्तर और दक्षिण भारत के बीच असंतोष पैदा कर सकता था। उनके मुताबिक, यह कदम “देश को बांटने की साजिश” जैसा था, जिसे विपक्ष ने मिलकर रोका।
तत्काल आरक्षण लागू करने की मांग
संजय सिंह ने मांग की कि मौजूदा 543 लोकसभा सीटों पर ही 33 प्रतिशत महिला आरक्षण तुरंत लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ऐसा करती है तो आम आदमी पार्टी उसका पूरा समर्थन करेगी।
भाजपा पर गंभीर आरोप
आप नेता ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह महिला अधिकारों के नाम पर राजनीति कर रही है, जबकि कई मामलों में उसका रिकॉर्ड सवालों के घेरे में रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष देश में एकता और संविधान की रक्षा के लिए खड़ा है।
जनता से सतर्क रहने की अपील
अंत में संजय सिंह ने जनता से अपील की कि वे भ्रामक प्रचार से सावधान रहें और देश की एकता व लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने में सहयोग करें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि संविधान के साथ खिलवाड़ किया गया तो जनता इसका जवाब देगी।
