लखनऊ, 18 अप्रैल 2026। उत्तर प्रदेश में बढ़ती गर्मी और संभावित बिजली संकट को देखते हुए राज्य सरकार ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ऊर्जा विभाग ने इस वर्ष पीक डिमांड के दौरान करीब 34,000 मेगावाट बिजली उपलब्ध कराने की रणनीति बनाई है, ताकि उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
जून में सबसे अधिक मांग का अनुमान
ऊर्जा विभाग के अनुसार अप्रैल से सितंबर के बीच बिजली की मांग तेजी से बढ़ती है। इस वर्ष जून में पीक डिमांड करीब 33,375 मेगावाट तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि मई और जुलाई में यह 31 से 32 हजार मेगावाट के बीच रह सकती है।
नए पावर प्लांट से बढ़ेगी क्षमता
बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए घाटमपुर, खुर्जा, पनकी, ओबरा और जवाहरपुर जैसी प्रमुख थर्मल पावर परियोजनाओं की यूनिट्स चालू कर दी गई हैं। खासतौर पर घाटमपुर परियोजना की तीसरी यूनिट 30 अप्रैल तक शुरू होने की संभावना है, जिससे आपूर्ति और मजबूत होगी।
एमओयू और बैंकिंग से अतिरिक्त बिजली
पीक आवर्स में लगभग 80 प्रतिशत बिजली की जरूरत पहले से किए गए लॉन्ग टर्म समझौतों (एमओयू) के जरिए पूरी की जाएगी। इसके अलावा अन्य राज्यों के साथ करीब 4,663 मिलियन यूनिट बिजली की बैंकिंग व्यवस्था भी की गई है, जिससे जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त आपूर्ति ली जा सकेगी।
सीएम ने दिए सख्त निर्देश
हाल ही में हुई उच्च स्तरीय बैठक में योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बिजली आपूर्ति में किसी भी तरह की बाधा नहीं आनी चाहिए। इसके लिए निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया गया है।
ट्रांसमिशन नेटवर्क पर फोकस
राज्य में ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को सुदृढ़ किया जा रहा है, ताकि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में समान रूप से बिजली उपलब्ध कराई जा सके।
भीषण गर्मी के बीच सरकार की इन तैयारियों से उम्मीद है कि इस बार प्रदेश में बिजली आपूर्ति अपेक्षाकृत बेहतर और सुचारु बनी रहेगी।
