ईरान युद्ध पर घिरी ट्रंप सरकार, अमेरिकी संसद में उठे तीखे सवाल

वॉशिंगटन। ईरान के साथ जारी युद्ध को लेकर संयुक्त राज्य अमेरिका में राजनीतिक दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। युद्ध की बढ़ती लागत, हथियारों के तेजी से घटते भंडार और संघर्ष के अंत को लेकर स्पष्ट रणनीति न होने के कारण डोनाल्ड ट्रंप सरकार विपक्ष ही नहीं, बल्कि अपने सहयोगी सांसदों के निशाने पर भी आ गई है। मंगलवार को अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को कांग्रेस में रिपब्लिकन और डेमोक्रेट दोनों दलों के सांसदों के तीखे सवालों का सामना करना पड़ा।

संसदीय सुनवाई के दौरान सांसदों ने सरकार से पूछा कि ईरान के साथ यह संघर्ष आखिर कब तक जारी रहेगा और क्या प्रशासन के पास युद्ध समाप्त करने की कोई स्पष्ट योजना है। कई सांसदों ने चेतावनी दी कि यदि युद्ध लंबा खिंचता है तो इसका असर अमेरिका की अर्थव्यवस्था, रक्षा तैयारियों और वैश्विक रणनीतिक स्थिति पर गंभीर रूप से पड़ सकता है।

29 अरब डॉलर तक पहुंची जंग की लागत, हथियारों के घटते भंडार ने बढ़ाई चिंता

पेंटागन द्वारा पेश आंकड़ों के अनुसार अब तक इस युद्ध पर करीब 29 अरब डॉलर खर्च किए जा चुके हैं। अधिकारियों ने बताया कि इसमें सबसे अधिक राशि सैन्य हथियारों और उपकरणों की मरम्मत तथा नए हथियारों की खरीद पर खर्च हो रही है। पेंटागन अधिकारी जे हर्स्ट ने कांग्रेस को जानकारी दी कि लगभग 24 अरब डॉलर सिर्फ मिसाइलों, रक्षा प्रणालियों और अन्य सैन्य उपकरणों को बदलने तथा दुरुस्त करने में लगाए जा रहे हैं।

सुनवाई के दौरान कई सांसदों ने चिंता जताई कि लगातार सैन्य कार्रवाई के कारण अमेरिकी हथियार भंडार तेजी से घट रहा है। विशेष रूप से मिसाइल रक्षा प्रणाली और लंबी दूरी के हथियारों की उपलब्धता को लेकर सवाल उठाए गए। सांसदों ने पूछा कि यदि भविष्य में किसी अन्य मोर्चे पर संकट उत्पन्न होता है तो क्या अमेरिका पर्याप्त सैन्य तैयारी बनाए रख पाएगा।

डेमोक्रेट सांसदों ने ट्रंप प्रशासन पर आरोप लगाया कि उसने युद्ध की वास्तविक लागत और जोखिमों को लेकर देश को पूरी जानकारी नहीं दी। उनका कहना था कि अमेरिकी जनता को यह जानने का अधिकार है कि आखिर इस युद्ध का अंतिम लक्ष्य क्या है और इसके लिए कितना आर्थिक बोझ उठाना पड़ेगा।

वहीं कुछ रिपब्लिकन सांसदों ने भी सरकार से स्पष्ट जवाब मांगे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा महत्वपूर्ण है, लेकिन बिना तय रणनीति के लंबे समय तक युद्ध जारी रखना अमेरिका के हित में नहीं हो सकता। कई सांसदों ने रक्षा मंत्रालय से यह भी पूछा कि क्या हथियार उत्पादन की मौजूदा क्षमता युद्ध की मांगों को पूरा करने के लिए पर्याप्त है।

रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सुनवाई के दौरान सरकार का बचाव करते हुए कहा कि अमेरिका अपनी सुरक्षा और सहयोगी देशों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठा रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पेंटागन हथियारों की आपूर्ति बनाए रखने और सैन्य क्षमता मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रहा है। हालांकि उन्होंने युद्ध समाप्ति की कोई निश्चित समयसीमा बताने से परहेज किया।

विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान युद्ध अब केवल सैन्य मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह अमेरिका की घरेलू राजनीति का बड़ा विषय बनता जा रहा है। बढ़ती लागत, महंगाई और रक्षा खर्च के कारण ट्रंप प्रशासन पर दबाव आने वाले महीनों में और बढ़ सकता है।

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