लखनऊ, 25 मार्च, 2026, RNN। प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री एवं प्रभारी मंत्री, कानपुर नगर योगेंद्र उपाध्याय ने कलेक्ट्रेट, कानपुर नगर के नवीन सभागार में ‘उत्तर प्रदेश नवनिर्माण के 9 वर्ष’ पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि प्रदेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीते नौ वर्षों में सुशासन, सुरक्षा और सर्वांगीण विकास का नया मानक स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि यह कालखंड प्रदेश के लिए “उत्कर्ष के वर्ष” सिद्ध हुआ है, जिसमें गांव, गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के जीवन में व्यापक सकारात्मक बदलाव आया है।
मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि प्रदेश में लागू शून्य सहनशीलता नीति के परिणामस्वरूप कानून व्यवस्था में अभूतपूर्व सुधार हुआ है। वर्ष 2017 की तुलना में डकैती, लूट, हत्या और अपहरण जैसे अपराधों में उल्लेखनीय गिरावट आई है। संगठित अपराध और माफिया तंत्र पर कठोर कार्रवाई करते हुए अवैध संपत्तियों की जब्ती और अपराधियों के विरुद्ध सख्त दंडात्मक कार्रवाई की गई है, जिससे प्रदेश में सुरक्षा और विश्वास का वातावरण स्थापित हुआ है।
उन्होंने बताया कि पुलिसिंग व्यवस्था को तकनीकी रूप से सुदृढ़ किया गया है। साइबर अपराध थानों की स्थापना, विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं का विस्तार और बड़े पैमाने पर पुलिस भर्ती से व्यवस्था को आधुनिक और प्रभावी बनाया गया है। महिला सुरक्षा के लिए मिशन शक्ति, हेल्पलाइन सेवाएं और महिला बीट पुलिसिंग जैसे कदमों से महिलाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण मिला है।
प्रदेश के औद्योगिक विकास पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश का सबसे बड़ा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम केंद्र बन चुका है। प्रदेश को 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें बड़ी संख्या में परियोजनाएं धरातल पर उतर चुकी हैं। एक्सप्रेस-वे नेटवर्क, हवाई अड्डों का विस्तार, रक्षा औद्योगिक गलियारा और डिजिटल कनेक्टिविटी ने प्रदेश को निवेश और औद्योगिक विकास का प्रमुख केंद्र बना दिया है।
कृषि क्षेत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि किसानों की आय में वृद्धि हुई है और गन्ना किसानों को रिकॉर्ड भुगतान सुनिश्चित किया गया है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से करोड़ों किसानों को प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।
कानपुर नगर के विकास पर जानकारी देते हुए मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि वर्ष 2017 से अब तक जनपद में लगभग 1503.89 करोड़ रुपये की लागत से 252 विकास परियोजनाएं पूर्ण की गई हैं। आवास, स्वच्छता, स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का व्यापक विस्तार हुआ है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बड़ी संख्या में आवास बनाए गए हैं, जबकि स्वच्छ भारत मिशन के तहत लाखों शौचालयों का निर्माण कर स्वच्छता को नई दिशा दी गई है।
उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत लाखों लाभार्थियों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान की गई है। जनधन, उज्ज्वला और स्वनिधि जैसी योजनाओं के माध्यम से वित्तीय समावेशन को मजबूत किया गया है। औद्योगिक क्षेत्र में हजारों करोड़ रुपये का निवेश हुआ है, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं।
अधोसंरचना विकास का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि कानपुर मेट्रो परियोजना, रिंग रोड, तापीय विद्युत परियोजनाएं तथा स्मार्ट सिटी के अंतर्गत विकसित सुविधाएं जनपद को आधुनिक और सुव्यवस्थित शहर के रूप में स्थापित कर रही हैं। साथ ही पर्यावरण संरक्षण, जल प्रबंधन और शहरी सेवाओं के विस्तार पर भी प्रभावी कार्य किया गया है।
शिक्षा क्षेत्र में हुए परिवर्तन को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 के बाद प्रदेश में नए विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों की स्थापना के साथ-साथ गुणवत्ता में भी सुधार हुआ है। उच्च शिक्षा में तकनीक के समावेशन के तहत ई-लर्निंग, स्मार्ट कक्षाएं, ई-लाइब्रेरी और टैबलेट वितरण जैसी पहलों से विद्यार्थियों को आधुनिक और प्रतिस्पर्धात्मक शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।
मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि “नवनिर्माण के 9 वर्ष” उत्तर प्रदेश को विकसित भारत के लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर करने वाले निर्णायक वर्ष हैं और आने वाले समय में प्रदेश सुशासन, निवेश, शिक्षा और समावेशी विकास का राष्ट्रीय मॉडल बनेगा।
