अयोध्या, 24 मई 2026 (यूएनएस)। रामनगरी अयोध्या में पर्यटन, संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण को नई पहचान देने के लिए जल्द ही ‘लव-कुश पार्क’ का निर्माण किया जाएगा। राज्य स्मार्ट सिटी मिशन के तहत रायबरेली राजमार्ग स्थित मऊशिवाला एमआरएफ सेंटर के पास करीब 17.72 करोड़ रुपये की लागत से विकसित होने वाला यह पार्क ‘कचरे से कला’ थीम पर आधारित होगा।
नगर निगम की ओर से विकसित किए जा रहे इस विशेष पार्क में रामायण की पौराणिक कथाओं को स्क्रैप धातु की मूर्तियों, कलात्मक चित्रों और आधुनिक इंटरैक्टिव इंस्टालेशन्स के जरिए जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। परियोजना का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास और सांस्कृतिक विरासत को एक साथ जोड़ना है।
नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने बताया कि पार्क का केंद्र भगवान राम के पुत्र लव और कुश की कथाएं होंगी। इसमें रामायण काल के प्रमुख प्रसंगों को आधुनिक कला और तकनीक की मदद से दर्शाया जाएगा, ताकि नई पीढ़ी भारतीय संस्कृति और इतिहास से जुड़ सके।
पार्क की सबसे बड़ी विशेषता ‘वेस्ट टू आर्ट’ कॉन्सेप्ट होगी। शहर से एकत्र किए गए स्क्रैप और कचरे के सामान से भव्य मूर्तियां और कलात्मक मॉडल तैयार किए जाएंगे। इनमें राम-सीता, लव-कुश, अश्वमेध यज्ञ और वनवास जैसे प्रसंग शामिल होंगे। साथ ही 3डी मॉडल, साउंड-लाइट शो और इंटरैक्टिव इंस्टालेशन्स के माध्यम से दर्शकों को रामायण की घटनाओं का अनुभव कराया जाएगा।
परियोजना के तहत स्कूल और कॉलेज छात्रों के लिए विशेष वर्कशॉप और शैक्षणिक भ्रमण भी आयोजित किए जाएंगे, जिनमें पर्यावरण संरक्षण और अपशिष्ट प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाएगी।
राम मंदिर, हनुमानगढ़ी और कनक भवन जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों के बाद यह पार्क अयोध्या में पर्यटन का नया आकर्षण केंद्र बन सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की परियोजनाएं न केवल सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करती हैं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन उद्योग को भी मजबूती देती हैं।
नगर निगम के अनुसार, पार्क के निर्माण कार्य की शुरुआत जल्द ही की जाएगी।
