‘राजनीति में मतभेद स्वीकार है, बेटियों का अपमान नहीं’: लखनऊ में सपा का होर्डिंग, भाजपा सरकार पर निशाना

लखनऊ, 11 जून 2026 (यूएनएस)। राजधानी लखनऊ में समाजवादी पार्टी मुख्यालय के बाहर लगाए गए एक बड़े होर्डिंग ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। पोस्टर के माध्यम से बेटियों के सम्मान और महिला सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए गए हैं।

होर्डिंग में Akhilesh Yadav की तस्वीर के साथ लिखा गया है, “राजनीति में मतभेद स्वीकार है, बेटियों का अपमान नहीं।” इसके साथ ही “बेटियों का सम्मान, देश की पहचान” का संदेश भी दिया गया है। पोस्टर में सवाल उठाया गया है कि जब एक बेटी की अस्मिता पर हमला हुआ तो कानून की कार्रवाई प्रभावी क्यों नहीं दिखाई दी।

समाजवादी पार्टी नेताओं का कहना है कि राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन महिलाओं और बेटियों के सम्मान से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। उनका आरोप है कि महिला सुरक्षा और सम्मान के मुद्दों पर सरकार को जवाबदेह होना चाहिए।

पोस्टर लगाने वाले सपा नेता मोहम्मद इखलाक ने कहा कि एक ओर भारतीय जनता पार्टी नारी शक्ति और महिला सम्मान की बात करती है, वहीं दूसरी ओर महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली टिप्पणियों पर पर्याप्त कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को देवी का स्वरूप माना गया है और किसी भी महिला या बेटी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी अस्वीकार्य है।

उन्होंने कहा कि राजनीति अपनी जगह है, लेकिन बहू-बेटियों का सम्मान उससे कहीं ऊपर है। राजनीतिक विरोध के नाम पर महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाना सामाजिक मूल्यों के विरुद्ध है। उन्होंने मांग की कि महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि समाज में स्पष्ट संदेश जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हाल के घटनाक्रमों के बीच विपक्ष महिला सम्मान और कानून-व्यवस्था के मुद्दों को प्रमुखता से उठाकर सरकार को घेरने की रणनीति पर काम कर रहा है। इसी क्रम में यह पोस्टर राजनीतिक चर्चा का नया केंद्र बन गया है।

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