लखनऊ, 26 जुलाई 2026। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सोशल मीडिया पर उपलब्ध हर जानकारी सत्य नहीं होती। ऐसे में शिक्षकों की जिम्मेदारी है कि वे विद्यार्थियों को सही और गलत जानकारी के बीच अंतर करना सिखाएं तथा राष्ट्रहित के प्रति जागरूक बनाएं।
आगरा दौरे के दूसरे दिन मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ करते हुए योगी ने कहा कि यदि देश के भीतर विरोधी ताकतें षड्यंत्र रचकर अव्यवस्था फैलाने का प्रयास करें तो शिक्षक समाज को मजबूती से उनके खिलाफ खड़ा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ ताकतें आधुनिक तकनीक और भारत-विरोधी संसाधनों का दुरुपयोग कर समाज में भ्रम और विद्वेष फैलाने का प्रयास करती हैं, जिनसे सतर्क रहने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिग्भ्रमित समाज नकारात्मकता का शिकार हो जाता है और अंततः अपने ही हितों को नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने शिक्षकों से छात्रों में राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रनिर्माण और सकारात्मक सोच विकसित करने का आह्वान करते हुए कहा कि विद्यालय, महाविद्यालय और विश्वविद्यालय देशभक्ति के प्रेरणा केंद्र बनने चाहिए।
योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों से शिक्षण को रोचक और संवादात्मक बनाने की सलाह देते हुए कहा कि एक शिक्षक को स्वयं को छात्र के दृष्टिकोण से भी देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब-जब भारत में शिक्षकों का सम्मान बढ़ा है, तब-तब देश ने नए प्रतिमान स्थापित किए हैं।
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति ने शिक्षकों और छात्रों के लिए नए अवसर खोले हैं। उन्होंने कृत्रिम मेधा (एआई) के क्षेत्र में दक्षता विकसित करने पर बल देते हुए कहा कि भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तकनीकी ज्ञान आवश्यक है।
उन्होंने भारतीय परंपरा में गुरु के सर्वोच्च स्थान का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति में प्रतिभा होती है, लेकिन उसे पहचानने और निखारने का कार्य शिक्षक ही करता है। इसलिए शिक्षक केवल ज्ञान देने वाला नहीं, बल्कि राष्ट्र और समाज के भविष्य का निर्माता भी है।
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल, उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, प्रभारी मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।