पटना, 26 जुलाई 2026। नीट पेपर लीक और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में हुए बिहार बंद के दौरान गिरफ्तार किए गए जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) प्रमुख तेजप्रताप यादव की गिरफ्तारी पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने कहा कि यदि कल तक तेजप्रताप यादव समेत गिरफ्तार छात्रों को रिहा नहीं किया गया और उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए गए तो विपक्ष राज्यव्यापी बड़ा आंदोलन करेगा।
पटना में पत्रकारों से बातचीत करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि सरकार से अब केवल आग्रह नहीं, बल्कि चेतावनी है। उन्होंने दावा किया कि जब दिल्ली स्तर पर आंदोलनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने पर सहमति बन चुकी है, तब भी बिहार में छात्रों और नेताओं को जेल भेजा जा रहा है।
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि पिछले 21 वर्षों में बिहार की लगभग हर बड़ी भर्ती परीक्षा—चाहे सिपाही भर्ती, बीपीएससी, नीट या अन्य प्रतियोगी परीक्षाएं हों—पेपर लीक और गड़बड़ियों से प्रभावित रही हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार भ्रष्टाचार और परीक्षा घोटालों को रोकने में पूरी तरह विफल रही है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बिहार बंद के दौरान विभिन्न जिलों में पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज किया, फर्जी मुकदमे दर्ज किए और सीवान में प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर गोलीबारी की घटना में तीन छात्र घायल हुए। तेजस्वी यादव ने पटना के मेदांता अस्पताल पहुंचकर घायल छात्रों और उनके परिजनों से मुलाकात की तथा आंदोलन में शामिल छात्रों का समर्थन किया।
उधर, पुलिस ने शनिवार देर रात जेजेडी प्रमुख तेजप्रताप यादव को गिरफ्तार कर बेऊर जेल भेज दिया। पुलिस का आरोप है कि उन्होंने पटना के रामगुलाम चौक पर प्रदर्शन के दौरान छात्रों को हिंसा के लिए उकसाया। उनके वकील ने दावा किया कि तेजप्रताप यादव पर भारतीय न्याय संहिता की हत्या के प्रयास से संबंधित धारा भी लगाई गई है।
तेजप्रताप यादव की गिरफ्तारी पर जेजेडी नेताओं ने भी नाराजगी जताई है। पार्टी नेता वीणा मानवी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने गिरफ्तारी के स्पष्ट कारण बताए बिना कार्रवाई की और इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया। विपक्ष अब इस मुद्दे को लेकर राज्यव्यापी आंदोलन की तैयारी में जुट गया है।