लखनऊ, 21 मई 2026। आगरा-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेस-वे परियोजना के लिए किए जा रहे भूमि अधिग्रहण को लेकर किसानों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। बुधवार को औरावां स्थित प्रदीप सिंह राणा के आवास पर किसान संगठन की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें किसानों ने सरकार द्वारा तय मुआवजा दरों को अपर्याप्त बताते हुए वर्तमान दरों पर जमीन देने से साफ इनकार कर दिया।
बैठक में किसानों ने कहा कि लखनऊ जनपद की भूमि का बाजार मूल्य काफी अधिक है, जबकि प्रशासन द्वारा तय सर्किल रेट बेहद कम है। किसानों का आरोप है कि वर्ष 2014 के बाद लंबे समय तक सर्किल रेट में प्रभावी बढ़ोतरी नहीं की गई और अगस्त 2025 में लागू नया सर्किल रेट भी वास्तविक बाजार मूल्य के अनुरूप नहीं है। किसानों ने मांग की कि वर्ष 2013-14 के अनुपात में सर्किल रेट बढ़ाया जाए तथा अधिग्रहित की जाने वाली जमीन का मुआवजा न्यूनतम एक करोड़ रुपये दिया जाए।

किसान नेताओं ने कहा कि मौजूदा मुआवजा किसानों के हितों के खिलाफ है और इससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 24 मई 2026 तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 25 मई से सरोजनीनगर तहसील परिसर में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
बैठक में आगामी तहसील स्तरीय आंदोलन को सफल बनाने के लिए अधिक से अधिक किसानों और ग्रामीणों से शामिल होने की अपील की गई। वक्ताओं ने कहा कि जब तक किसानों को उनकी जमीन का उचित मूल्य नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
बैठक में प्रताप सिंह, रितेश सिंह प्रधान, सुरेश सिंह, अनिल शुक्ला, शत्रोहन सिंह, सभासद हुकुम सिंह, नन्हकऊ कश्यप, अन्नू सिंह, केके सिंह पत्रकार, जुगुल सिंह, आनंद सिंह, डॉ. रजनीश शुक्ला, शशांक शुक्ला, प्रवीण शुक्ला, राजनारायण शुक्ला, गौरव बाजपेई समेत बड़ी संख्या में किसान और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
