वियतनाम-दक्षिण कोरिया दौरे पर रवाना हुए राजनाथ सिंह, रक्षा सहयोग बढ़ाने पर रहेगा जोर

नयी दिल्ली, 18 मई 2026 (यूएनएस)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सोमवार को वियतनाम और दक्षिण कोरिया की चार दिवसीय यात्रा पर रवाना हुए। इस दौरे का उद्देश्य सैन्य उपकरणों के संयुक्त उत्पादन सहित रणनीतिक रक्षा सहयोग को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा करना है।

वियतनाम की राजधानी हनोई के लिए रवाना होने से पहले राजनाथ सिंह ने कहा कि दोनों एशियाई देशों की उनकी यात्रा का मुख्य उद्देश्य रक्षा औद्योगिक साझेदारी को मजबूत करना, समुद्री सहयोग को बढ़ावा देना और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता को बढ़ावा देना होगा।

वियतनाम दौरे के दौरान रक्षा मंत्री अपने समकक्ष जनरल फान वान जियांग के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच रक्षा औद्योगिक सहयोग, सैन्य साजो-सामान के संयुक्त विकास तथा समुद्री सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होगी। इसके अलावा दक्षिण चीन सागर की मौजूदा स्थिति भी वार्ता का अहम विषय रह सकती है।

हाल के वर्षों में दक्षिण चीन सागर क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों को लेकर चिंता बढ़ी है। भारत लगातार इस क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय कानूनों और संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून संधि (यूएनसीएलओएस) के तहत शांतिपूर्ण समाधान की वकालत करता रहा है।

राजनाथ सिंह का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब हाल ही में वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अपने संबंधों को “उन्नत व्यापक रणनीतिक साझेदारी” के स्तर तक पहुंचाने का निर्णय लिया था।

वियतनाम यात्रा के बाद रक्षा मंत्री मंगलवार को तीन दिवसीय दौरे पर दक्षिण कोरिया जाएंगे। वहां वह दक्षिण कोरिया के राष्ट्रीय रक्षा मंत्री आन ग्यू-बैक के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग की समीक्षा के साथ नई पहलों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

दक्षिण कोरिया में रक्षा मंत्री ली योंग-चियोल से भी मुलाकात करेंगे और भारत-कोरिया व्यापार गोलमेज सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे।

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ और दक्षिण कोरिया की हिंद-प्रशांत रणनीति के बीच सामंजस्य दोनों देशों के संबंधों को नई दिशा दे रहा है।

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