लखनऊ, 14 मई 2026। योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को घोषणा की कि नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा से आगामी 15 जून से उड़ान सेवाएं शुरू हो जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना उस क्षेत्र के बदलाव का प्रतीक है, जो कभी अपराध के लिए बदनाम माना जाता था।
उत्तर प्रदेश में बदलाव के नौ वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जेवर क्षेत्र अब वैश्विक निवेश केंद्र के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा, “भारत का सबसे बड़ा हवाई अड्डा जेवर में बन चुका है और 15 जून से वहां से उड़ान सेवाएं शुरू की जाएंगी।”
हाल ही में विमानन कंपनियों इंडिगो और अकासा एयर ने भी नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ानों के संचालन की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय प्रदेश दंगों, अराजकता, व्यापारियों के पलायन, किसानों की आत्महत्या और उद्योगों के पतन जैसी समस्याओं से जूझ रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में शासन व्यवस्था में पारदर्शिता और स्पष्ट नीति का अभाव था तथा माफिया समानांतर सरकार चलाते थे।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद प्रशासनिक सुधारों, विस्तृत योजनाओं और नीति आधारित शासन पर जोर दिया गया। उन्होंने बताया कि सरकार बनने के शुरुआती दिनों में वह प्रतिदिन मंत्रियों के साथ बैठक कर विभागीय योजनाओं और कार्यप्रणाली की समीक्षा करते थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय प्रदेश की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी और राज्य का वार्षिक बजट लगभग ढाई लाख करोड़ रुपये था, जबकि आबादी करीब 20 करोड़ थी। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने बिना किसी भेदभाव और पक्षपात के उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए नीति आधारित प्रोत्साहन दिए।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है। मुख्यमंत्री के अनुसार देश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा उत्तर प्रदेश में है। उन्होंने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाओं को राज्य के तेजी से हो रहे विकास की मिसाल बताया।
