लखनऊ, 30 जुलाई 2026 (यूएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण और भूजल संवर्धन को मजबूत करने के लिए विकसित ग्राम पंचायत योजना के तहत परकोलेशन टैंक (रिसाव तालाब) निर्माण अभियान को गति देने का निर्णय लिया है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जल संरक्षण से जुड़े सभी कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जल संरक्षण केवल पर्यावरण संरक्षण का विषय नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की आधारशिला है। जलवायु परिवर्तन, अनियमित वर्षा और लगातार गिरते भूजल स्तर को देखते हुए वर्षा जल का संरक्षण और भूजल पुनर्भरण अत्यंत आवश्यक हो गया है।
भूजल रिचार्ज का प्रभावी माध्यम बनेंगे परकोलेशन टैंक
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि परकोलेशन टैंक वर्षा के पानी को धीरे-धीरे जमीन के भीतर पहुंचाकर भूजल स्तर बढ़ाने का काम करते हैं। इससे गांवों में कुओं, हैंडपंपों, तालाबों और अन्य जल स्रोतों में पानी की उपलब्धता बेहतर होगी। साथ ही किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा, जिससे कृषि उत्पादन बढ़ेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट भी कम होगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में ऐसे स्थानों का चयन किया जाए, जहां वर्षा जल का अधिकतम संचयन संभव हो और परकोलेशन टैंक के निर्माण से भूजल स्तर में प्रभावी सुधार लाया जा सके।
गुणवत्ता और पारदर्शिता पर विशेष जोर
केशव मौर्य ने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, समयबद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक परियोजना की नियमित निगरानी की जाए, ताकि योजना के उद्देश्यों की प्रभावी पूर्ति हो सके।
उन्होंने कहा कि विकसित ग्राम पंचायत योजना के तहत ऐसे विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है, जो प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, पर्यावरणीय संतुलन, सतत विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सहायक हों। परकोलेशन टैंक का निर्माण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
जनभागीदारी से बनेगा जनआंदोलन
उप मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों, ग्राम पंचायतों, स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीणों से जल संरक्षण अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को गांव-गांव जाकर लोगों को वर्षा जल संचयन और भूजल पुनर्भरण के महत्व के प्रति जागरूक करना चाहिए।
उन्होंने कहा, “जल संरक्षण की दिशा में आज का प्रयास, कल के सुरक्षित भविष्य का आधार है।” सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में जल सुरक्षा सुनिश्चित करने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विकसित ग्राम पंचायत योजना के माध्यम से जल संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़कर व्यापक जनआंदोलन का स्वरूप दिया जाएगा।