‘दान-चंदे में चोरी महापाप’, अखिलेश का बीजेपी पर बड़ा हमला; राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर जवाबदेही की मांग

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर भाजपा और उसके सहयोगियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दान-चंदे में कथित अनियमितताओं, भूमि सौदों और जवाबदेही के मुद्दे उठाते हुए इसे “आस्था के साथ विश्वासघात” बताया। यह बयान ऐसे समय आया है जब राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच एसआईटी कर रही है और ट्रस्ट के नेतृत्व में बदलाव हो चुका है।

लखनऊ, 30 जुलाई 2026 (यूएनएस)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगियों पर राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर तीखा हमला बोला। सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी अपने बयान में उन्होंने आरोप लगाया कि आस्था और श्रद्धा से जुड़े मामलों में कथित अनियमितताओं ने करोड़ों श्रद्धालुओं के विश्वास को ठेस पहुंचाई है।

अखिलेश यादव ने कहा कि “दान-चंदे में चोरी केवल आर्थिक अपराध नहीं, बल्कि आस्था के साथ विश्वासघात और महापाप है।” उन्होंने आरोप लगाया कि दान-पात्र, गुप्त दान, रसीद व्यवस्था और भूमि लेनदेन से जुड़े मामलों में गंभीर सवाल उठे हैं, लेकिन जवाबदेही तय नहीं की गई।

सपा प्रमुख ने यह भी आरोप लगाया कि जिन लोगों ने कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाए, उन्हें व्यवस्था से अलग कर दिया गया और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच तथा साक्ष्यों के संरक्षण को लेकर भी प्रश्न खड़े हुए। उन्होंने कहा कि यह केवल किसी संस्था का मामला नहीं, बल्कि देश की जनता की धार्मिक आस्था और विश्वास का विषय है।

संसद में उठाने की कही बात

अखिलेश यादव ने कहा कि श्रद्धालुओं के दान और सार्वजनिक धन से जुड़े मुद्दों को संसद में उठाना लोकतांत्रिक और नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने दावा किया कि इस पूरे मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।

राम मंदिर चढ़ावा विवाद की पृष्ठभूमि

राम मंदिर चढ़ावा विवाद जून 2026 में सामने आया था, जब दान की गिनती के दौरान कथित गड़बड़ियों के आरोप लगे। इसके बाद एफआईआर दर्ज हुई, कई लोगों की गिरफ्तारी हुई और उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। बाद में जांच को और व्यापक बनाने के लिए एसआईटी का पुनर्गठन भी किया गया।

विवाद के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दिया, जिसे ट्रस्ट ने स्वीकार करते हुए प्रशासनिक पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू की।

जांच जारी, अंतिम रिपोर्ट का इंतजार

पूर्व महासचिव चंपत राय ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि वह एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद सभी आरोपों का बिंदुवार जवाब देंगे। वहीं राज्य सरकार ने भी जांच निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से पूरी कराने का आश्वासन दिया है।

अखिलेश यादव का यह बयान ऐसे समय आया है जब राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है और विपक्ष इस मुद्दे को लगातार संसद और सार्वजनिक मंचों पर उठा रहा है।

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