बेंगलुरु, 29 मई (यूएनएस)। कर्नाटक की राजनीति में लंबे समय से चल रही अटकलों पर आखिरकार विराम लग गया है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का इस्तीफा राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने मंजूर कर लिया है। इसके साथ ही राज्य में सत्ता परिवर्तन का रास्ता साफ हो गया है और अब कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार के अगले मुख्यमंत्री बनने की संभावना काफी मजबूत मानी जा रही है।
सिद्धारमैया ने गुरुवार को अपना इस्तीफा राजभवन को सौंपा था। हालांकि उस समय राज्यपाल बेंगलुरु से बाहर थे, जिसके कारण इस्तीफे को औपचारिक स्वीकृति बाद में दी गई। अब राजभवन की ओर से इस्तीफा स्वीकार किए जाने के बाद राज्य की राजनीति में हलचल और तेज हो गई है।
कर्नाटक में नई सरकार के गठन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। बेंगलुरु से लेकर नई दिल्ली तक बैठकों और रणनीतिक चर्चाओं का दौर जारी है। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, इस्तीफा देने के बाद सिद्धारमैया जयपुर के रास्ते नई दिल्ली पहुंचे, जबकि डीके शिवकुमार भी गुरुवार को राजधानी रवाना हो गए। दोनों नेताओं की एक साथ दिल्ली मौजूदगी को कांग्रेस के भीतर बड़े राजनीतिक बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, दिल्ली दौरे के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के साथ महत्वपूर्ण बैठकें हो सकती हैं। सूत्रों का कहना है कि इन बैठकों में नई सरकार के गठन, संभावित मंत्रिमंडल के स्वरूप और विभागों के बंटवारे को लेकर अंतिम रणनीति तैयार की जा सकती है।
दरअसल, वर्ष 2023 में कर्नाटक में कांग्रेस सरकार बनने के बाद से ही मुख्यमंत्री पद को लेकर सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा की चर्चा रही थी। उस समय पार्टी नेतृत्व ने सिद्धारमैया के अनुभव पर भरोसा जताते हुए उन्हें मुख्यमंत्री बनाया था, जबकि शिवकुमार को उपमुख्यमंत्री पद दिया गया था।
राजनीतिक गलियारों में लंबे समय से यह चर्चा थी कि दोनों नेताओं के बीच ढाई-ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री पद साझा करने का फार्मूला तय हुआ था, हालांकि इसकी कभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई। अब माना जा रहा है कि कांग्रेस आलाकमान ने डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाए जाने पर सहमति दे दी है, जिसके बाद सिद्धारमैया ने पद छोड़ दिया है।
