होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ा तनाव, ईरान ने अमेरिकी टैंकर पर की गोलीबारी; ट्रम्प बोले- तेहरान को समझौता करना ही पड़ेगा

वॉशिंगटन/तेहरान, 28 मई 2026 (यूएनएस)। मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। ईरानी नौसेना ने गुरुवार को होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे एक अमेरिकी टैंकर पर गोलीबारी की। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम के अनुसार, जहाज बिना सक्रिय रडार के संवेदनशील समुद्री मार्ग से गुजर रहा था, जिसके बाद ईरानी बलों ने कार्रवाई की। इसके जवाब में अमेरिकी सेना ने बंदर अब्बास बंदरगाह के पास एक खाली इलाके में जवाबी फायरिंग की। हालांकि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

अमेरिका ने अभी तक इस पूरे घटनाक्रम पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने व्हाइट हाउस में कैबिनेट बैठक के दौरान ईरान को लेकर सख्त टिप्पणी की। ट्रम्प ने कहा कि ईरान को अब समझौता करना ही पड़ेगा और तेहरान के पास कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि ईरान यह सोच रहा था कि अमेरिका बातचीत में पीछे हट जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं होगा।

ट्रम्प ने होर्मुज स्ट्रेट को अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग बताते हुए कहा कि इस पर किसी एक देश का नियंत्रण स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी कहा कि अमेरिका पहले बातचीत के जरिए समाधान चाहता है, लेकिन ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

इस बीच ईरानी मीडिया ने दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्त करने के लिए शुरुआती समझौता मसौदा तैयार किया गया है, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट में शिपिंग बहाल करने और अमेरिकी सैन्य मौजूदगी कम करने का प्रस्ताव शामिल है। हालांकि व्हाइट हाउस ने इस दावे को पूरी तरह झूठा और मनगढ़ंत बताया है।

मध्य पूर्व में हालात लगातार बिगड़ते नजर आ रहे हैं। दक्षिणी लेबनान में इजराइली हवाई हमलों में कम से कम 31 लोगों की मौत और 40 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है। वहीं इजराइल ने गाजा में हमास के नए सैन्य कमांडर मोहम्मद ओदेह को मार गिराने का दावा किया है।

दूसरी ओर ईरान ने जुलाई 2025 से हिरासत में रखे गए 10 भारतीय नाविकों को रिहा कर दिया है। सभी नाविक सुरक्षित बताए जा रहे हैं और जल्द भारत लौटेंगे।

रूस ने भी क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर चिंता जताई है। रूस की सुरक्षा परिषद के उप सचिव अलेक्जेंडर वेंडिक्टोव ने ईरान से अपील की है कि क्षेत्र में दोबारा युद्ध जैसी स्थिति न बनने दी जाए और नई सुरक्षा व्यवस्था के लिए कूटनीतिक प्रयास जारी रखे जाएं।

अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच ट्रम्प ने ईरान की अर्थव्यवस्था को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि ईरान की नौसेना और वायुसेना को भारी नुकसान हुआ है और देश की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। ट्रम्प ने साफ किया कि यदि ईरान हाईली एनरिच्ड यूरेनियम सौंप भी देता है, तब भी अमेरिकी प्रतिबंधों में कोई राहत नहीं दी जाएगी।

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