लखनऊ, 22 अप्रैल 2026 (यूएनएस)। उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी का असर लगातार तेज होता जा रहा है। प्रदेश के कई जिलों में तापमान सामान्य से ऊपर पहुंच गया है और उष्ण लहर (लू) ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है।
मौसम विभाग के बुधवार को जारी प्रभाव आधारित पूर्वानुमान के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहेगा और तेज सतही हवाएं चलेंगी। राजधानी लखनऊ समेत कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, झांसी, आगरा, अलीगढ़ और मेरठ मंडलों में अधिकतम तापमान 40 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है।
बुंदेलखंड और पूर्वांचल के जिलों—बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, फतेहपुर, प्रतापगढ़, जौनपुर, आजमगढ़, मऊ और बलिया—में तापमान 44 डिग्री के आसपास पहुंचने से आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। वहीं हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, गाजीपुर और गोरखपुर मंडल के कई हिस्सों में लू का प्रकोप बना हुआ है।
मौसम विभाग के मुताबिक 22 से 25 अप्रैल के बीच पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में तेज गर्म हवाएं (30-40 किमी प्रति घंटा) चलने की संभावना है, जिससे लू की स्थिति और गंभीर हो सकती है। पश्चिमी यूपी के आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, अलीगढ़ और मथुरा में भी तापमान में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश के 32 जिलों में लू को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। प्रयागराज, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, अमेठी, सुल्तानपुर, पीलीभीत और शाहजहांपुर समेत कई जिलों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 26 अप्रैल के आसपास कुछ स्थानों पर हल्का बदलाव देखने को मिल सकता है। कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की बारिश या बौछारें पड़ने की संभावना है, लेकिन तब तक गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद बेहद कम है।
उष्ण लहर के बढ़ते असर को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर में धूप में बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी और तरल पदार्थ लेने तथा बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
कुल मिलाकर, प्रदेश में अगले चार से पांच दिनों तक भीषण गर्मी और लू का प्रकोप जारी रहने की संभावना है, जिससे जनजीवन पर व्यापक असर पड़ सकता है।
