लखनऊ, 22 अप्रैल 2026। समाजवादी पार्टी मजदूर सभा, लखनऊ ने नोएडा सहित पूरे प्रदेश में श्रमिकों के मौलिक अधिकारों के हनन और शोषण के खिलाफ राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा। ज्ञापन में राज्य सरकार की नीतियों को श्रमिक-विरोधी बताते हुए मजदूरों के हित में तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग की गई है।
जिलाध्यक्ष ज्ञानेंद्र कुमार ‘ज्ञानू’ के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि नोएडा में चल रहा श्रमिक आंदोलन शासन-प्रशासन और प्रबंधन की नीतियों का परिणाम है। बढ़ती महंगाई के बीच मजदूरों के लिए परिवार का भरण-पोषण और बच्चों की शिक्षा सुनिश्चित करना कठिन होता जा रहा है।

ज्ञापन में मांग की गई है कि नोएडा में मजदूरों के खिलाफ हो रही दमनात्मक कार्रवाई को तत्काल रोका जाए और दर्ज मुकदमों को वापस लिया जाए। साथ ही गिरफ्तार मजदूरों को बिना शर्त रिहा करने और श्रमिक आंदोलन से जुड़े लोगों को बदनाम करने की कार्रवाइयों पर रोक लगाने की भी मांग उठाई गई है।
मजदूर सभा ने न्यूनतम 26 हजार रुपये मासिक वेतन घोषित करने, पुराने श्रम कानूनों को पुनः लागू करने और कार्य के घंटे 8 निर्धारित करने की मांग की है। इसके अलावा औद्योगिक संस्थानों में ठेकेदारी प्रथा समाप्त करने, रोजगार की नियमितता सुनिश्चित करने और मजदूरों को सामाजिक व जीवन सुरक्षा देने की बात कही गई है।
ज्ञापन में स्मार्ट मीटर व्यवस्था को बंद करने, न्यूनतम मजदूरी सलाहकार बोर्ड के गठन और भविष्य निधि (पीएफ) में भ्रष्टाचार पर रोक लगाने की भी मांग की गई है।

मजदूर सभा ने राज्यपाल से अपील की है कि सभी मांगों पर गंभीरता से विचार कर प्रदेश में कानून का राज स्थापित किया जाए, ताकि मजदूरों को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन मिल सके। इस दौरान संगठन के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
