जनता का पैसा जनहित में ही होगा खर्च : योगी

लखनऊ, 26 मई 2026 (यूएनएस)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विकास पर खर्च होने वाला पैसा जनता का है और उसका उपयोग केवल जनहित में ही होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार केवल जनता के धन का उचित नियोजन कर रही है और यही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन और प्रेरणा है।

मुख्यमंत्री मंगलवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने नगर निगम लखनऊ की 413 करोड़ रुपये लागत की 342 परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। कार्यक्रम में “स्वच्छ-सुंदर-समर्थ लखनऊ” विषयक पुस्तिका का विमोचन भी किया गया तथा नगर निगम की उपलब्धियों पर आधारित लघु फिल्म प्रदर्शित की गई।

मुख्यमंत्री ने नगर निगम लखनऊ की 342 परियोजनाओं का किया शिलान्यास और लोकार्पण

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों का आभार जताते हुए कहा कि पहली बार राज्य के सभी 17 नगर निगमों में भाजपा के महापौर चुने गए और नगर निगमों में पार्टी का बोर्ड बना। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में नगर निगमों ने विकास और स्वच्छता के नए प्रतिमान स्थापित किए हैं।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछली सरकारों के “पापों के गड्ढों” को भरने और “भ्रष्टाचार के कूड़े” को साफ करने में समय लगा, लेकिन अब शहरों का स्वरूप बदल रहा है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल महापौर, पार्षद या सफाई कर्मचारियों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक की भी जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने लोगों से घर का कूड़ा कूड़ेदान में डालने, गीले और सूखे कूड़े को अलग रखने, सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग बंद करने और नालियों में कचरा न फेंकने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाना भी गलत है।

लखनऊ नगर निगम को स्वच्छता रैंकिंग में देश में तीसरा स्थान मिलने पर संतोष जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब लक्ष्य इसे पहले स्थान तक पहुंचाने का होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब सरकार की कार्यप्रणाली साफ-सुथरी होती है तो शहर भी स्वच्छ दिखाई देता है।

मुख्यमंत्री ने हाल में सार्वजनिक स्थलों से गमले चोरी होने की घटनाओं पर कटाक्ष करते हुए कहा कि “ढाई करोड़ की कार से आकर गमला चोरी करने वालों” को सीसीटीवी कैमरों का ध्यान रखना चाहिए था। उन्होंने कहा कि 45 रुपये का गमला खरीद लेते तो सम्मान भी बना रहता और शहर भी सुंदर दिखता।

योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्र प्रेरणा स्थल का उदाहरण देते हुए कहा कि जहां कभी 30 वर्षों तक कूड़ा डंप किया जाता था, वहां अब सुंदर स्थल विकसित किया गया है। यहां डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले गरीबों के लिए मकान स्वीकृत नहीं होते थे, लेकिन वर्तमान सरकार ने जाति, क्षेत्र, मत और मजहब से ऊपर उठकर गरीब, युवा, महिला और किसान को केंद्र में रखकर काम किया। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 65 लाख से अधिक गरीबों को आवास उपलब्ध कराए गए हैं।

उन्होंने कहा कि पिछली सरकारें केवल परिवार तक सीमित रहीं, इसलिए असफल हुईं, जबकि “डबल इंजन सरकार” ने पूरे प्रदेश को अपना परिवार माना।

ऊर्जा संकट के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में ऊर्जा संकट वैश्विक समस्या बन चुका है। उन्होंने कहा कि अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण सप्लाई लाइन प्रभावित हुई है और दुनिया भर में तेल की कीमतों में वृद्धि हुई है। अचानक बढ़ी गर्मी के कारण कई थर्मल पावर प्लांटों के शटडाउन का भी बिजली उत्पादन पर असर पड़ा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2017 तक उत्तर प्रदेश में पीक पावर सप्लाई 15-16 हजार मेगावाट थी, जो अब बढ़कर 32-33 हजार मेगावाट तक पहुंच गई है। उन्होंने अफवाह फैलाने वालों पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसे लोग देश के हितैषी नहीं हैं।

कार्यक्रम में महापौर सुषमा खर्कवाल ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, राज्यसभा सांसद बृजलाल सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।

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